Shiv ji Aarti: देवों के देव महादेव जिनके रूप में आज हिंदू सनातन धर्म को देखते हैं. महादेव जो त्रिदेवों में एक देव हैं. भगवान शिव को हिंदू धर्म में कई अलग नामों से जाना जाता है, जैसे की भोलेनाथ, शंकर, महेश, भिलपती, भिलेश्वर,रुद्र, नीलकंठ, गंगाधार आदि.

भगवान शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है क्योंकि वह थोड़े से भक्ति भाव में प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं. भोलेनाथ की आराधना न केवल भक्त को सभी संकट से मुक्त कराती है.बल्कि उन्हें मोक्ष की और भी अग्रसर करती है.

ऐसे करें भगवान शिव की पूजा  हमारे सनातन धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव का  माना जाता है. इस दिन आप रूद्र अभिषेक द्वारा शिवलिंग पूजा करें, ये भगवान शिव को अधिक प्रिय है. रूद्र अभिषेक में दूध, दही ,घी, शहद व शक्कर आदि के मिश्रण से शिवलिंग को स्नान कराएं. बाद में जल से अभिषेक पश्चात् शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें.

फिर विधि अनुसार पूजा कर. भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सच्ची श्रद्धा भाव से भगवान शिव की आरती करें. भगवान शिव की आरती कुछ इस प्रकार है.

॥शिव जी की आरती॥  

ॐ जय शिव ओंकारा

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।

ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।

हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।

त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।

चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव…॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।

जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव…॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।

प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव…॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।

नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव…॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।

कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव…॥

जय शिव ओंकारा हर ॐ शिव ओंकारा|

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अद्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा…॥

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