Mahashivratri 2026:

महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर हर साल की तरह इस बार भी विशेष उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है. विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व के लिए विशेष आयोजन होती है. महाशिवरात्रि से 9 दिन पूर्व ही यहां शिव नवरात्रि मनाई जाती है. 14 फरवरी को महाकाल की भव्य भस्म आरती हुई और भक्तों ने महाकाल के अद्भुत दर्शन किए.

महाशिवरात्रि के मौके पर देशभर से श्रद्धालु भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए उज्जैन पहुंचे हैं. भगवान महाकाल की पूजा अर्चना भस्म आरती से शुरू हो चुकी है. भस्म आरती में भगवान महाकाल को भांग और सूखे मेवे से सजाया गया इसके बाद देशभर में प्रसिद्ध भस्म आरती हुई.

भस्म आरती के बाद लगातार भगवान को दूध और जल से स्नान करने का सिलसिला जारी रहेगा. महाशिवरात्रि पर पूरे दिन महाकाल की पूजा अर्चना की जाएगी. महाकालेश्वर मंदिर में 44 घंटे तक लगातार भगवान की पूजा अर्चना का सिलसिला जारी रहेगा. भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर के पट नॉनस्टॉप 44 घंटे तक खुले रहेंगे.

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन नगरी शिवमय नजर आ रही है. हर तरफ भक्ति, आस्था और उत्साह का वातावरण बना हुआ. महाकालेश्वर मंदिर में 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई है, जिस कारण व्यापक पैमाने पर इंतजाम भी किए गए हैं. यहां पर 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं, जिससे कि लोगों को कोई परेशानी न हो.

इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा यातायात, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया गया है. मंदिर परिसर के आसपास अतिरिक्त बैरिकेडिंग, मेडिकल सुविधाएं और हेल्प डेस्क की भी व्यवस्था की गई है जिससे कि, दूर-दराज से आए भक्तों को किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े.

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