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Janmashtami Bhog: जन्माष्टमी की खरीदारी में न करें जल्दबाजी, भोग के पैकेट पर देखें ये 7 चीजें

Janmashtami 2026 Bhog Expiry Date: जन्माष्टमी पर कान्हा के लिए पैकेट वाला भोग खरीद रहे हैं तो Expiry Date, seal और FSSAI नंबर जरूर जांचें. जानें बदली तारीख पहचानने के 7 आसान तरीके.

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर कान्हा को भोग लगाना केवल पूजा की एक प्रक्रिया नहीं है. भक्त पहले भोजन भगवान को अर्पित करता है और फिर उसी को प्रसाद मानकर परिवार और दूसरे लोगों में बांटता है. इसलिए भोग की सामग्री शुद्ध, सात्त्विक और सुरक्षित होनी चाहिए.

लेकिन बाजार से खरीदे गए पैकेट की तारीख ही सही न हो तो? नवी मुंबई में खाद्य पदार्थों के पैकेट से पुरानी Expiry Date मिटाकर नई तारीख छापने का मामला सामने आया है. इस खुलासे के बाद जन्माष्टमी के लिए माखन, मिश्री, मेवे, पंजीरी और दूसरी पैकेटबंद सामग्री खरीदते समय सावधानी जरूरी हो गई है.

भोग में केवल स्वाद नहीं, शुद्धता भी जरूरी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान को अर्पित किए जाने वाले नैवेद्य की तैयारी में पवित्रता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है. बासी, दूषित या खराब सामग्री भगवान को अर्पित नहीं करनी चाहिए.

भोग लगाने के बाद यही सामग्री प्रसाद बनती है. उसे बच्चे, बुजुर्ग, व्रत रखने वाले और मंदिर में आने वाले श्रद्धालु ग्रहण करते हैं. इसलिए खराब सामग्री चढ़ाना केवल धार्मिक चूक नहीं, दूसरे लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालना भी हो सकता है.

जन्माष्टमी के उत्साह में कई बार लोग पैकेट की सजावट और कीमत देखते हैं, लेकिन उस पर लिखी Manufacturing Date, Best Before और Expiry Date जांचना भूल जाते हैं. इस बार यह लापरवाही भारी पड़ सकती है.

Expiry Date बदलने का मामला कैसे सामने आया?

महाराष्ट्र Food and Drug Administration ने नवी मुंबई के तुर्भे इलाके में एक गोदाम पर कार्रवाई की. मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यहां खाने-पीने की वस्तुओं के करीब 5,000 cartons मिले.

इनमें Lay’s, Kurkure, Maggi, soup, mayonnaise और cold drinks जैसे उत्पाद शामिल थे. आरोप है कि कई पैकेट expire हो चुके थे या expiry के करीब थे. पैकेट पर छपी तारीख chemical solvent से मिटाकर मशीन से नई तारीख छापी जा रही थी.

कुछ products पर nutrition और ingredients से जुड़ी जानकारी के ऊपर नए labels लगाए गए थे. कुछ पैकेट पर अक्टूबर 2026 की ऐसी manufacturing date भी मिली, जो कार्रवाई के समय तक आई ही नहीं थी.

अधिकारियों के अनुसार जब्त stock मुख्य रूप से export के लिए तैयार किया जा रहा था. अभी यह साबित नहीं हुआ है कि वही बदली तारीख वाले पैकेट भारत के बाजार में बेचे गए. संबंधित बड़ी कंपनियों पर भी गड़बड़ी में शामिल होने का आरोप नहीं लगाया गया है. इसलिए इस मामले को किसी खास ब्रांड के खिलाफ नहीं, उपभोक्ता जागरूकता की चेतावनी के रूप में देखना चाहिए.

जन्माष्टमी की खरीदारी में इन 7 बातों का रखें ध्यान

1. तारीख के आसपास खरोंच देखें

Manufacturing या Expiry Date के आसपास खरोंच, धब्बा अथवा मिटाई गई स्याही का निशान दिखे तो वह पैकेट न खरीदें.

2. दोहरी छपाई को नजरअंदाज न करें

तारीख के नीचे पुरानी printing की हल्की परछाईं दिखे या कोई अंक दो बार छपा हो तो दुकानदार से दूसरा पैकेट मांगें.

3. स्याही का रंग मिलाएं

Expiry Date की स्याही बाकी batch information से बिल्कुल अलग हो तो सावधान हो जाएं. तारीख छूने पर फैल रही हो तो सामान न लें.

4. ऊपर से लगा sticker जांचें

हर अतिरिक्त sticker नकली नहीं होता. Import-export और स्थानीय नियमों के कारण वैध label भी लगाए जाते हैं. लेकिन sticker पुरानी जानकारी छिपा रहा हो, टेढ़ा लगा हो या निर्माता की जानकारी से मेल न खाए तो उसे न खरीदें.

5. पैकेट की seal देखें

टूटी seal, फूला हुआ पैकेट, leakage या अंदर हवा भरना खराबी का संकेत हो सकता है. ऐसे सामान का प्रयोग सही तारीख लिखी होने के बावजूद न करें.

6. FSSAI और batch number देखें

पैकेट पर FSSAI licence number, निर्माता का नाम, batch या lot number, customer care और MRP साफ लिखे होने चाहिए.

7. खरीदारी का बिल लें

संदिग्ध या खराब सामग्री की शिकायत करने के लिए bill सबसे जरूरी प्रमाण है. धार्मिक आयोजन की बड़ी खरीदारी भी बिना bill के न करें.

Best Before और Expiry Date में अंतर समझें

Best Before उस समय तक उत्पाद की तय गुणवत्ता, स्वाद और texture बने रहने का संकेत देता है. तारीख बीतने के बाद उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है.

Expiry Date या Use By सुरक्षित उपयोग की अंतिम समय-सीमा बताती है. यह तारीख निकलने के बाद खाद्य सामग्री का प्रयोग नहीं करना चाहिए. दूध, मावा, mayonnaise, मिठाई और जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं में बिल्कुल जोखिम न लें.

किसी खाद्य पदार्थ को केवल सूंघकर सुरक्षित नहीं माना जा सकता. कुछ खराबियां गंध या रंग में तुरंत दिखाई नहीं देतीं.

कान्हा को महंगा नहीं, शुद्ध भोग चाहिए

श्रीमद्भगवद्गीता (Holy Bhagavad Gita) के नौवें अध्याय के 26वें श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि-

पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति.

अर्थात भक्त प्रेमपूर्वक पत्र, पुष्प, फल या जल भी अर्पित करे तो भगवान उसे स्वीकार करते हैं. संदेश साफ है. कान्हा को भोग लगाने के लिए महंगे gift pack या बहुत सारी बाजार की चीजें जरूरी नहीं हैं. श्रद्धा से अर्पित किया गया शुद्ध फल और जल भी पूर्ण भोग है.

यदि बाजार के मावे या तैयार पंजीरी की गुणवत्ता पर संदेह है तो घर पर थोड़ी मात्रा में भोग बनाएं. ताजा फल, मिश्री, घर का मक्खन या धनिया पंजीरी अर्पित की जा सकती है. पूजा में दिखावे से अधिक शुद्धता और भाव का महत्व है.

संदिग्ध सामान मिले तो चुप न रहें

संदिग्ध पैकेट को फेंकने से पहले उसकी तारीख, batch number, FSSAI licence और दुकान के bill की फोटो लें. दुकान का नाम और खरीद का समय भी सुरक्षित रखें.

शिकायत FSSAI के Food Safety Connect माध्यम से की जा सकती है. इसकी जानकारी FSSAI के FoSCoS Portal पर उपलब्ध है.

जन्माष्टमी पर जागरूकता भी धर्म का हिस्सा है. जिस भोग को कान्हा को अर्पित करना है और फिर प्रसाद बनाकर दूसरों में बांटना है, उसकी शुद्धता जांचना हर भक्त की जिम्मेदारी है.

FAQ

1. जन्माष्टमी के भोग का पैकेट खरीदते समय क्या जांचें?
Expiry Date, Manufacturing Date, seal, batch number, FSSAI licence और पैकेट की स्थिति जरूर जांचें.

2. बदली हुई Expiry Date कैसे पहचान सकते हैं?
तारीख के पास खरोंच, धब्बा, दोहरी printing, अलग स्याही या पुरानी तारीख की परछाईं दिखाई दे सकती है.

3. Best Before और Expiry Date में क्या अंतर है?
Best Before गुणवत्ता की अवधि बताता है, जबकि Expiry Date सुरक्षित उपयोग की अंतिम समय-सीमा है.

4. क्या जन्माष्टमी पर बाजार का प्रसाद चढ़ाना सही है?
चढ़ाया जा सकता है, लेकिन सामग्री ताजा, शुद्ध, सुरक्षित और सात्त्विक होनी चाहिए.

5. संदिग्ध खाद्य पैकेट की शिकायत कहां करें?
FSSAI के Food Safety Connect माध्यम से शिकायत की जा सकती है. बिल और पैकेट की तस्वीर सुरक्षित रखें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University, Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है. इसके साथ ही उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush’ सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है, जिसमें Keyword Research, Topic Clusters, E-E-A-T आधारित कंटेंट और AI Search Optimization शामिल हैं. वे Astrosage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है.

वर्तमान में Youth Protest, CJP आंदोलन और एक्टर शाहरुख खान को लेकर उनकी भविष्यवाणियां सत्य साबित हुईं हैं, उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

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