Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: बारिश में भी गूंजता रहा 'जय जगन्नाथ' का जयघोष, पुरी की रथयात्रा में उमड़ा 2 लाख श्रद्धालुओं का सैलाब
Puri Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान भारी बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी. करीब 2 लाख भक्त 'जय जगन्नाथ' के जयघोष के बीच रथयात्रा में शामिल हुए .
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Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: सनातन धर्म के सबसे पवित्र और आलौकिक उत्सवों में से एक, विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ रथ यात्रा (गुंडिचा यात्रा) का भव्य शुभारंभ हो चुका है. शंख नगरी पुरी में झमाझम बारिश के बीच लाखों श्रद्धालु अपने आराध्य जगत के नाथ, भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा की एक दिव्य झलक पाने के लिए बड़दण्ड पर उमड़ पड़े हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज महाप्रभु अपने गर्भगृह से बाहर आकर तीन अलग-अलग भव्य रथों पर सवार होंगे और भक्तों को दर्शन देकर उनके कष्टों को हरेंगे.
मंदिर प्रशासन (SJTA) के अनुसार, सुबह के सभी मुख्य अनुष्ठान और 'रथ प्रतिष्ठा' संपन्न हो चुकी है, और अब से कुछ ही देर में इस महापर्व की सबसे मुख्य 'पहंडी' रस्म शुरू होने जा रही है. पल-पल के आध्यात्मिक अपडेट्स और लाइव तस्वीरों के लिए हमारी इस लाइव फीड के साथ बने रहें.
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 मुहूर्तो
- तिथि: आषाढ़ शुक्ल द्वितीया– प्रातः 8:52 बजे तक, इसके बाद तृतीया प्रारंभ
- वार: गुरुवार (जगन्नाथ जी विष्णु जी का रूप हैं, और गुरुवार श्रीहरि को प्रिय है. ऐसे में यात्रा के दिन गुरुवार का होना दुर्लभ माना जा रहा है)
- नक्षत्र: आश्लेषा
- योग: सिद्धि योग, रवि योग
जगन्नाथ रथ यात्रा का महत्व
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं. जिसमें देश ही नहीं विदेश से भी आकर लाखों श्रद्धालु रथ की रस्सी खींचते हैं.
स्कंद पुराण के उत्कल खंड (पुरुषोत्तम माहात्म्य) में पुरुषोत्तम क्षेत्र (पुरी) और भगवान जगन्नाथ के दर्शन का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि रथ यात्रा के दौरान भगवान के दर्शन करने, उनके रथ के साथ चलने और श्रद्धाभाव से उनका स्मरण करने वालों को बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है. मृत्यु के बाद मोक्ष मिलता है.
9 दिन तक चलता है उत्सव
नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में आस्था, सेवा, परंपरा और उत्साह का ऐसा संगम देखने को मिलता है, जो इसे विश्व के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक आयोजनों में शामिल करता है. इन 9 दिनों में हर दिन अलग-अलग परंपरा निभाई जाती है जैसे हेरा पंचमी, संध्या दर्शन, बहुदा यात्रा, सुना बेषा, अधर पाना, नीलाद्री बीजे आदि. यह यात्रा भगवान और भक्त के बीच प्रेम, समानता, सेवा और लोककल्याण की भावना का प्रतीक मानी जाती है.
जगन्नाथ रथ यात्रा की अनूठी परंपरा
रथ यात्रा की एक अनूठी परंपरा यह भी है कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के लिए हर वर्ष नए रथ बनाए जाते हैं. इनका निर्माण विशेष प्रकार की लकड़ी से पारंपरिक नियमों के अनुसार किया जाता है.
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: पुरी में शुरू हुई विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा, रथों पर विराजमान हुए भगवान जगन्नाथ
मूसलाधार बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी. पुरी की सड़कों पर आज भक्ति का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला. भगवान बलभद्र का तालध्वज रथ गुंडिचा मंदिर की ओर रवाना होते ही पूरा पुरी 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंज उठा. इसके साथ ही भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का शुभारंभ हो गया.
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: भगवान जगन्नाथ की रसोई में कभी खत्म नहीं होता महाप्रसाद, क्या है इसके पीछे की परंपरा?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ की रसोई में बनने वाला महाप्रसाद भगवान की कृपा और सदियों पुरानी सुव्यवस्थित परंपरा के कारण कभी कम नहीं पड़ता और न ही व्यर्थ जाता है.





















