Holi 2027 Date: इस साल की होली तो गई लेकिन अब अगले साल 2027 में होली 22 मार्च 2027 को खेली जाएगी. इसके एक दिन पहले होलिका दहन होगा. होली महज रंगों का पर्व नहीं बल्कि आध्यात्मिक रूप से इसका अर्थ है कि सभी भेदभाव मिटाकर प्रेम, सौहार्द और भाईचारे को बढ़ाना. ब्रज क्षेत्र में श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ रंगों की होली खेली थी. इस कारण होली को प्रेम, आनंद और भक्ति का उत्सव भी माना जाता है.

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भारत में अलग-अलग तरीके से मनाते हैं होली

ब्रज की होली विश्व प्रसिद्ध है. यहां बरसाना और नंदगांव में लठमार होली खेली जाती है. इस परंपरा में महिलाएं पुरुषों को लाठियों से प्रतीकात्मक रूप से मारती हैं और पुरुष ढाल से बचाव करते है. यह परंपरा भगवान श्रीकृष्ण और राधा की लीलाओं से जुड़ी मानी जाती है.

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मथुरा- वृंदावन की फूलों की होली

वृंदावन में रंगों की जगह फूलों से होली खेलने की परंपरा है. मंदिरों में फूलों की वर्षा करके भक्त होली मनाते हैं. विशेष रूप से बांके बिहारी मंदिर में यह उत्सव बहुत प्रसिद्ध है.

काशी में राख और गुलाल की होली

काशी में होली मनाने का तरीका थोड़ा अलग हैं. यहां रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ और माता गौरा का गौना कराया जाता है. इनकी प्रतिमा नगर भ्रमण पर जाती है इस दौरान गुलाल से भक्त शिव-पार्वती संग होली खेलते हैं. वहीं इसके अलगे दिन मणिकर्णिका घाट पर जलती चिता की  राख की होली खेली जाती है.

पश्चिम बंगाल की डोल यात्रा

पश्चिम बंगाल में होली को डोल यात्रा या बसंत उत्सव कहा जाता है. इस दिन लोग रंग-गुलाल लगाकर नृत्य और संगीत के साथ उत्सव मनाते हैं. भगवान श्रीकृष्ण और राधा की झांकी निकाली जाती है.

पंजाब का होला मोहल्ला

पंजाब में होली के समय होला मोहल्ला मनाया जाता है.इसमें वीरता के प्रदर्शन, घुड़सवारी और युद्ध कौशल के कार्यक्रम होते हैं. यह परंपरा गुरु गोबिंद सिंह द्वारा शुरू की गई थी.

राजस्थान की शाही होली

राजस्थान में होली शाही अंदाज में मनाई जाती है. उदयपुर और जयपुर में राजघराने की परंपरा के अनुसार शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं. पर्यटक भी इस उत्सव में बड़ी संख्या में शामिल होते हैं.

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