Haridwar, Sawan Somwar 2026: वैसे तो सावन का पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है, लेकिन इस दौरान पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि सोमवार का दिन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. इस दिन शिव भक्त भगवान भोलेनाथ की पूजा आरती और जलाभिषेक कर उनकी कृपा प्राप्त करने की कामना करते हैं.

Continues below advertisement

पौराणकि मान्यता के अनुसार सावन के पूरे महीने भगवान शिव अपनी ससुराल कनखल में विराजमान रहते हैं और यहीं से सृष्टि का संचालन एवं भक्तों का कल्याण करते हैं. यही वजह है कि हरिद्वार के कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सावन के दौरान श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिलती है. मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और लंबी कतारों में लगकर पूजा करते हैं.

कनखल शिव का ससुराल

Continues below advertisement

कनखल को भगवान शिव की ससुराल माना जाता है. यहां स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर को शिव भक्तों के लिए बेहद पवित्र तीर्थ माना जाता है. मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव यहां विराजमान रहते हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सावन सोमवार के दिन दक्षेश्वर महादेव का विधि विधान से पूजन और जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

भगवान शिव ने दिया था राजा दक्ष को वचन

दक्ष प्रजापति मंदिर के महंत रवींद्र पुरी, अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मंदिर प्रबंधक के अनुसार, सावन भगवान शिव का अति प्रिय महीना है. कनखल भगवान शिव की ससुराल है और मान्यता है कि भगवान शिव ने राजा दक्ष को वचन दिया था कि सावन के एक महीने तक वह यहीं निवास करेंगे. इसी मान्यता के चलते सावन में दक्षेश्वर महादेव मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व बढ़ जाता है.

उनके अनुसार सावन में भगवान शिव अपने ससुराल में एक महीने के लिए विराजमान रहते हैं और यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. सावन के सोमवार पर मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं.

Surya Gochar 2026: सूर्य अपनी ही राशि सिंह में, अगले 30 दिन सत्ता, पद और प्रतिष्ठा के मामलों में किन राशियों के लिए महत्वपूर्ण?

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.