Nirjala Ekadashi 2025 WIshes: निर्जला एकादशी व्रत 6 जून 2025 को है. ये व्रत सबसे कठिन माना गया है.इसके फलस्वरूप व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. जीवन का अंतिम पड़ाव है मोक्ष, जो ये पा लेता वह जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है. निर्जला एकादशी का व्रत स्वंय भीम ने भी किया था, इसके प्रभाव से उन्हें समस्त 24 एकादशी का फल प्राप्त हुआ और मोक्ष के रास्ते उनके लिए सुलभ हो गए थे.
कलियुग में एकमात्र यही ऐसा व्रत है जो व्यक्ति को उसके जघन्य पापों से भी छुटकारा दिला सकता है. यहां तक के उसके पितरों की आत्मा को शांति देने के लिए एकादशी व्रत फलदायी है. निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर अपनों को ये खास संदेश भेजकर शुभकामनाएं दे सकते हैं.
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥
हरे राम हरे राम
राम राम हरे हरे
हरे कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे हरे
वैरागी बने तो जग छूटे,
सन्यासी बने तो छूटे शरीर
नारायण से स्नेह हो जाए
तो छूट जाए आने-जाने की माया
निर्जला एकादशी की शुभकामनाएं
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:
भगवान विष्णु की बनी रहे आप पर छाया
पलट दे जो आपकी किस्मत की काया
मिले आपको वो सब इस ज़िन्दगी में
जो कभी किसी ने भी ना है पाया।
श्रीहरि की ज्योति से नूर मिलता है,सबके दिलों को सुरूर मिलता हैजो भी जाता है नारायण के द्वारकुछ न कुछ जरूर मिलता है.
ताल बाजे, मृदंग बजे,
बजे हरि की वीणा।
निर्जला एकादशी की,
आपको ढ़ेर सारी शुभकामना।।
कोई दौलत का दीवाना,
कोई शोहरत का दीवाना,
शीशे सा मेरा दिल,
मैं तो सिर्फ कृष्ण का दीवाना
निर्जला एकादशी की शुभकामनाएं
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