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Halloween 2025: हैलोवीन का त्योहार पूरी दुनिया में हर साल 31 अक्टूबर के दिन बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. यह त्योहर मनोरंजन का नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और मान्यताओं का संगम है.

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अक्टूबर का पूरा महीना हैलोवीन के रंग में रंगा रहता है और लोग अपने घरों को भूतिया सजावटों से सजाते हैं.

GEN-Z बच्चे अलग-अलग तरह की वेशभूषा पहनते हैं और ट्रिक ऑर ट्रीट के लिए लोगों के घर जाते हैं. मगर कई लोग यह नहीं जानते है कि यह त्योहार वक्त के साथ कितना बदल चुका है.

क्या है हैलोवीन का इतिहास?

हैलोवीन का इतिहास करीब 2,000 साल पुराना है. यह त्योहार गर्मियों के मौसम का अंत और सर्दियों की शुरुआत से माना जाता है. प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, इस समय मृत आत्माएं धरती पर लौट आती थीं, जिससे लोग भयभीत रहते थे.

जिस वजह से लोग आत्माओं से बचने के लिए लोग नकाब और विचित्र वेशभूषाएं पहनते थे. यही परंपरा आगे चलकर आधुनिक हैलोवीन कॉस्ट्यूम्स में बदल गई.कुछ समय के बाद ईसाई धर्म के लोगों ने से इस दिन को एक नया रूप दे दिया.

आठवीं शताब्दी में 1 नवंबर को ऑल सेंट्स डे यानी "ऑल हैलोज़ डे" के रूप में मनाया जाने लगा, जो संतों की याद में मनाया जाता था. इसके एक दिन पहले, यानी 31 अक्टूबर को “ऑल हैलोज़ ईव” कहा गया, जो धीरे-धीरे “हैलोवीन के नाम से जाना जाने लगा.

यूरोपीय लोग साथ लाए यह परंपरा 

19वीं सदी में यूरोपीय लोग जब अमेरिका पहुंचे, तो वे इस परंपरा को अपने साथ ले आए. वहीं से हैलोवीन का आधुनिक रूप विकसित हुआ. जहां डर और रोमांच के साथ बच्चों के लिए यह मस्ती का माहौल बना गया.

इसी समय “ट्रिक ऑर ट्रीट” की प्रथा भी शुरू हुई, जिसमें बच्चे कई तरह की वेशभूषा पहनकर घर-घर जाकर मिठाई या कैंडी लेते हैं.

ईसाईयों नें शैतानी परंपरा से जुड़ा यह त्योहार 

आज के दौर में हैलोवीन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि दुनिया भर में एक ट्रेंड बन चुका है. चुड़ैलें, ज़ॉम्बी, भूत, और कद्दू की नक्काशी इसकी पहचान बन गए हैं. हालांकि, इस त्योहार को लेकर कई तरह के धार्मिक मतभेद भी हैं.

जिसमें कुछ ईसाई समुदाय इसे शैतानी परंपरा से जोड़ते हैं और इससे दूरी बनाए रखते हैं. हैलोवीन को ‘हार्वेस्ट फेस्ट’ के रूप में माना जाता है. यह एक वैकल्पिक तरीका है जिसमें बाइबल की शिक्षाओं के अनुरूप खुशी और एकता का संदेश फैलाया जाता है.

समय के साथ, हैलोवीन डर से अधिक रचनात्मकता, उत्साह और सामुदायिक एकता का प्रतीक बन गया है. चाहे कोई इसे धार्मिक नजरिए से देखे या केवल मनोरंजन के रूप में, मगर हैलोवीन आज भी दुनिया को रहस्य और कल्पना के अद्भुत संगम से जोड़ता है. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.