Guru Gobind Singh Jayanti 2025: गुरु गोविंद सिंह की जयंती सिख समुदाय के लिए पवित्र और प्रेरणादायक पर्व है. इसे सिख धर्म के लोग प्रकाश पर्व के रूप में सम्मान, श्रद्धा, गौरव और समर्पण की भावना के साथ मनाते हैं. शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को सिख धर्म के लोगों द्वारा गुरु गोविंद सिंह की जयंती मनाई जाएगी.

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गुरु गोविंद सिंह साहब सिख धर्म के दसवें गुरु होने के साथ ही अद्वितीय योद्धा, कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक भी थे. उन्होंने अपने जीवन को मानव सेवा, धर्म की रक्षा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने में लगा दिया.

सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह साहब ने 1699 में खासला पंथ की स्थापना की. उन्होंने सिखों को खासला वाणी ‘वाहेगुरु जी का खासला, वाहेगुरु जी की फतेह’ दी. उन्होंने जीवन जीने के 5 सिद्धांत भी दिए, जिन्हें पांच ककार यानी ‘क’ अक्षर से शुरू होने वाले पांच ऐसी चीजों के बारे में बताया जो सभी खासला सिखों के लिए धारण करना अनिवार्य है. ये पांच ककार है- केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा.

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गुरु गोविंद सिंह की जयंती पर जानें उनके जीवन और शिक्षाओं से जुड़ी कुछ विशेष बातें जो उनकी महानता को स्पष्ट करती हैं.

  • सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तुड़ाऊं,तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊं!!
  • जब आप अपने अंदर से अहंकार मिटा देंगे तभी आपको वास्तविक शांति प्राप्त होगी.
  • मैं उन लोगों को पसंद करता हूं जो सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं.
  • इंसान से प्रेम करना ही, ईश्वर की सच्ची आस्था और भक्ति है.
  • जो कोई भी मुझे भगवान कहे, वो नरक में चला जाए.
  • जब बाकी सभी तरीके विफल हो जाएं, तो हाथ में तलवार उठाना सही है.
  • हर कोई उस सच्चे गुरु की जयजयकार और प्रशंसा करे जो हमें भगवान की भक्ति के खजाने तक ले गया है.
  • मानस की जात सबै एकै पहचानबो यानी सभी मनुष्य एक ही जाति के हैं, उन्हें एक समान समझना चाहिए.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.