Kanwar Yatra 2026: सावन का महीना शुरू होने वाला है और इसके साथ ही उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा भी आरंभ होगी. हर साल की तरह इस बार भी गंगोत्री, ऋषिकेश और हरिद्वार से लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की ओर रवाना होंगे. 

Continues below advertisement

इस पूरी यात्रा में गाजियाबाद सबसे अहम पड़ाव माना जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह है दूधेश्वरनाथ मंदिर, जिसे लेकर मान्यता है कि यहां लंकापति रावण और उसके पिता महर्षि विश्रवा ने भगवान शिव की आराधना की थी. ऐसे में इस मंदिर में हर साल बड़ी संख्या में कांवड़िये जलाभिषेक करने पहुंचते हैं.

Continues below advertisement

यही कारण है कि गाजियाबाद पुलिस और प्रशासन ने कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं.

क्यों खास है गाजियाबाद का दूधेश्वरनाथ मंदिर?

गाजियाबाद स्थित प्राचीन दूधेश्वरनाथ मंदिर शिवभक्तों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रावण और उसके पिता महर्षि विश्रवा ने इसी स्थान पर भगवान शिव की कठोर तपस्या और पूजा-अर्चना की थी. सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु यहां गंगाजल अर्पित करने पहुंचते हैं. इसी वजह से यह मंदिर कांवड़ मार्ग का सबसे व्यस्त धार्मिक स्थल बन जाता है.

कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर पुलिस की बड़ी तैयारी:

गाजियाबाद के एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजकरण नैयर के अनुसार, इस बार कांवड़ यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत किया जा रहा है.

प्रशासन की योजना के तहत पूरे कांवड़ मार्ग पर 50 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी. इन चौकियों के माध्यम से पुलिस की निगरानी, सहायता और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.

हर 700 मीटर पर रहेगी पुलिस की निगरानी:

इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पूरे कांवड़ मार्ग को 150 बीट में विभाजित किया गया है. प्रत्येक बीट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी.

सबसे खास बात यह है कि पूरे मार्ग पर हर 700 मीटर की दूरी पर पुलिस बल मौजूद रहेगा, जबकि लगभग ढाई किलोमीटर के अंतराल पर अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी. इससे कांवड़ियों को लगातार सुरक्षा और सहायता मिल सकेगी.

CCTV से होगी पूरी यात्रा की लाइव मॉनिटरिंग:

आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए प्रशासन इस बार पूरे कांवड़ मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाएगा. इन कैमरों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी.

अगर कहीं भी भीड़ बढ़ने, दुर्घटना, विवाद या किसी अन्य आपात स्थिति की जानकारी मिलती है, तो पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सकेगी. इससे सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में और अधिक प्रभावी रहने की उम्मीद है.

गंग नहर और हिंडन नदी पर रहेगा विशेष फोकस:

सावन के दौरान बारिश के कारण गंग नहर और हिंडन नदी में जलस्तर बढ़ जाता है. इसे देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम भी किए हैं.

नहरों और नदी किनारों पर बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि श्रद्धालु किसी भी प्रकार के हादसे का शिकार न हों. इसके साथ ही SDRF, NDRF और जल पुलिस की टीमें भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहेंगी.

4500 पुलिसकर्मी और 1500 स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्था:

पूरी कांवड़ यात्रा के दौरान गाजियाबाद में लगभग 4500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. इनके साथ 1500 पुलिस मित्र, डिजिटल वॉलंटियर, ट्रैफिक वॉलंटियर, कांवड़ मित्र और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक भी सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे.

इनका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर मार्गदर्शन देना, ट्रैफिक नियंत्रण करना और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराना होगा.

जल्द जारी होगी ट्रैफिक एडवाइजरी:

कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के गुजरने से कई प्रमुख रास्तों पर यातायात प्रभावित होता है. इसे देखते हुए गाजियाबाद पुलिस जल्द ही ट्रैफिक डायवर्जन एडवाइजरी जारी करेगी. प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके.

श्रद्धा और सुरक्षा दोनों पर रहेगा प्रशासन का फोकस:

सावन और कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि लाखों लोगों की भागीदारी वाला विशाल आयोजन भी है. ऐसे में गाजियाबाद प्रशासन का प्रयास है कि शिवभक्तों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित रहे. आधुनिक निगरानी व्यवस्था, अतिरिक्त पुलिस बल, स्वयंसेवकों की तैनाती और ट्रैफिक प्रबंधन के जरिए इस बार यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित बनाने की तैयारी की गई है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.