Love relationship: Gen Z यानी आज की युवा पीढ़ी. जिनका जन्म 1997 के बाद हुआ है वह पीढ़ी Gen Z कहलाती है. ये पीढ़ी पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ठ, तार्किक, आत्मनिर्भर और भावनात्मक रूप से जागरुक है. जब बात आती है रिश्ते और प्रेम की तो, आज के दौर में इसकी परिभाषा भी तेजी से बदल रही है.

Continues below advertisement

खासकर Gen Z की लड़कियों में इन दिनों एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है. आज की लड़कियां पार्टनर या प्रेमी के रूप में शिव जैसे पति की चाह रखती है. बता दें कि यहां शिव जैसा पार्टनर कहना एक प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति है. Gen Z की लकड़ियां शिव के गुणों की बात करती हैं. Gen Z लड़कियां अब दिखावे या रोमांस से बढ़कर सरल, वास्तविक और जमीन से जुड़ा पार्टनर चाहती हैं.

हालांकि इसे हम नया ट्रेंड तो नहीं कह सकते क्योंकि पौराणिक कथा-कहानियों और पुराणों में ऐसा वर्णन मिलता है कि, पार्वती ने भी शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. आधुनिक समय में एक बार फिर से लड़कियां अपने प्रेमी या पार्टनर में शिव जैसे गुण चाहती हैं. आइए जानते हैं इस नए जमाने के इस ट्रेंड के पीछे छिपी सोच की भावनात्मक जरूरत क्या है.

Continues below advertisement

Gen Z लकड़ियों की चाह शिव जैसा पार्टनर

सोशल मीडिया से लेकर रिलेशनशिप डिस्कशन तक, लकड़ियां यही कहती हैं कि, उन्हें ऐसा जीवनसाथी चाहिए जिसमें भगवान शिव जैसा गुण हो. यह मामला केवल धार्मिक आस्था से नहीं जुड़ा है बल्कि इसके पीछे गहरी भावनात्मक और सामाजिक सोच भी शामिल है.

Gen Z की लड़कियां भावनात्मक रूप से अधिक जागरूक हैं. वे रिश्तों में स्थिरता, धैर्य और भावनात्मक रूप से संतुलन की चाह रखती हैं. शिव में भी ठीक ऐसा ही गुण है. यही कारण है कि लड़कियां ऐसे पार्टनर की चाह रखती हैं जो गुस्से में भी संयम रखे और पत्नी पर संकट आए तो रौद्र रूप धारण कर ले.

रिश्तों में बांधे नहीं, सशक्त बनाएं

शिव योगी भी हैं और गृहस्थ भी. Gen Z की लड़कियों को शिव का यही गुण आकर्षित करता है. आज की लकड़ियों को ऐसा पार्टनर चाहिए जो उनके सपनों को रोके नहीं, बल्कि समर्थन के साथ नई उड़ान दे. शिव ने पार्वती को हमेशा अपने साथ रखा लेकिन जरूरत पड़ने पर पार्वती को कई शक्तियां दीं और पार्वती ने भी असुरों का संहार किया. इससे यह पता चलता है कि, शिव पार्वती पर विश्वास करते हैं. वे उन्हें बांधते नहीं, बल्कि सशक्त बनाते हैं. आज की लड़कियां भी यही चाहती है कि, उनका पार्टनर  उनके करियर को सपोर्ट करे, स्पेस और आजादी दे.

संतुलन और जीवन में समानता

शिव के अर्धनारीश्वर रूप को स्त्री और पुरुष के संतुलन, सृजन और एकता का प्रतीक माना जाता है, जो यह दर्शाता है कि पुरुष और स्त्री एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों के बिना सृष्टि अधूरी है. यह रूप ऊर्जा यानी शक्ति और चेतना यानी शिव के मिलन से ही ब्रह्मांड का निर्माण और निरंतरता संभव होने का संदेश देता है. अर्धनारीश्वर रूप यह दर्शाता है कि पार्टनर को बराबरी का हक और सम्मान मिले.   

संवेदनशील और केयरिंग पार्टनर

शिव महाशक्तिशाली हैं और साथ ही करुणामयी भी. Gen Z लड़कियों की नजर में आदर्श पार्टनर वही है जो बाहर से मजबूत हो, लेकिन अंदर से संवेदनशील और केयरिंग भी. साथ ही शिव अहंकार विनाशक भी हैं. लड़कियां अपने पार्नटर में भी यही गुण चाहती हैं, जिसमें पुरुष होने के ईगो के बजाय बराबरी और सम्मान के साथ रिश्ता निभाएं. रिश्ते डोमिनेंस से ज्यादा समझदारी दिखाएं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.