Param Ekadashi 2026: परम एकादशी 11 जून 2026 को है. ये व्रत परम सुख को प्राप्त करने वाला माना गया है. इसके फलस्वरूप व्यक्ति इस लोक में पापों से मुक्ति पाकर समस्त भौतिक सुख प्राप्त करता है और तमाम दोषों का शमन होता है. एकादशी व्रत कई तरह से रखा जाता है जैसे फलाहार, निराहार, निर्जला, क्षीरभोजी, नक्तभोजी. पुराणों में एकादशी व्रत कैसे किया जाए इसके नियम विस्तार से बताए गए हैं.

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कुछ लोगों को व्रत के दौरान चाय और कॉफी पीने की आदत होती है. ऐसे में नियमानुसार जान लें कि एकादशी व्रत के दिन चाय-कॉफी पी सकते हैं या नहीं.

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क्या एकादशी व्रत में कॉफी पी सकते हैं

चाय - चाय एक पौधे की सूखी पत्तियां होती हैं और इसे एक झाड़ी के रूप में माना गया है. जिस तरह हम व्रत में पालक, मेथी जैसी अन्य पत्तियां नहीं खा सकते या उसका रस नहीं पी सकते उसी तरह चाय भी वर्जित मानी जाना चाहिए. 

व्यक्ति को मात्र गोदुग्ध का ही पान करना चाहिए. एकादशी व्रत में भैंस एवं बकरी के दूध का सेवन करने से बचना चाहिए. छाछ, खोया, मक्खन, घी आदि का सेवन एकादशी व्रत में किया जा सकता है.

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कॉफी - कॉफी बीन्स यानी कहवा के बीज अनाज नहीं होते हैं. वे कहवा नामक फल के बीज हैं, जिन्हें सामान्यतः कॉफी चेरी कहा जाता है. कॉफी चेरी अनाज नहीं फल का ही एक अंग है. हालांकि कॉफी एक प्रकार की फली है और उपवास में सभी प्रकार की फलियों का सेवन वर्जित होता है.

कॉफी सूखी मेवा है अथवा फली इस पर विवाद करने से उचित है कि उपवास के समय इसका प्रयोग न ही करें. इसी प्रकार व्रत में दूध वाली कॉफी का प्रयोग भी निषिद्ध हो जाता है. कहवा में अत्यधिक मात्रा में कैफीन होता है जो कि एक प्रकार का मादक पदार्थ है, इसीलिये भगवान विष्णु के अनन्य भक्तों को उपवास के समय कॉफी के सेवन से बचना चाहिये.

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