आज धर्मेंद्र (Dharmendra) हमारे बीच नहीं रहे. खबर आते ही लोगों ने सिर्फ एक बड़े अभिनेता को नहीं, बल्कि एक बेहद सच्चे और सरल इंसान को खो देने का दर्द महसूस किया. धर्मेंद्र के जाने के बाद उनके जीवन की कई बातें फिर से याद की जा रही हैं. उन्हीं में एक किस्सा है, जब उनके बारे में धर्म बदलने की अफवाह फैली थी.
वह समय आसान नहीं था. लोग बातें बना रहे थे, सवाल पूछ रहे थे, और उनकी निजी जिंदगी पर उंगलियां उठ रही थीं. लेकिन धर्मेंद्र ने उस वक्त जो जवाब दिया था, वह उनकी सच्चाई और सीधेपन को दिखाने के लिए काफी था. बिना गुस्से, बिना किसी दिखावे, उन्होंने साफ कहा था कि यह आरोप झूठा है.
आज उनकी विदाई के दिन यह किस्सा इसलिए याद आता है, क्योंकि यह बताता है कि धर्मेंद्र सिर्फ पर्दे के हीरो नहीं थे, वह असल जिंदगी में भी उतने ही साफ, सीधे और मजबूत इंसान थे.
कैसे शुरू हुई थी अफवाह?
80 के दशक में धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की शादी बहुत चर्चा में थी. शादी से जुड़े क़ानूनी और निजी मुद्दों की वजह से कुछ लोगों ने यह अफवाह उड़ाई कि धर्मेंद्र (Dharmendra) ने शादी करने के लिए अपना धर्म बदल लिया है. उस दौर में सोशल मीडिया नहीं था, लेकिन फिल्मी पत्रिकाओं और गॉसिप कॉलम्स ने इस बात को खूब उछाला. धीरे-धीरे यह चर्चा इतनी बढ़ गई कि लोग मानने लगे कि शायद यह सच है.
लेकिन इसके पीछे एक भी ठोस सबूत नहीं था. न कोई सरकारी दस्तावेज़, न किसी धार्मिक संस्था का रिकॉर्ड, न परिवार की ओर से इस तरह का कोई बयान. यह बस एक अफवाह थी जो सालों तक चली.
जब धर्मेंद्र से पहली बार सीधे पूछा गया
कई साल बाद, जब उनसे इस आरोप पर सामने से सवाल किया गया, तो धर्मेंद्र ने बिना किसी झिझक के एक साफ-सुथरा जवाब दिया कि यह आरोप गलत है. मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो किसी फायदे के लिए अपना धर्म बदल ले. यही वह लाइन थी जिसने पूरी बहस को वहीं खत्म कर दिया. धर्मेंद्र का तरीका शांत था, लेकिन बात इतनी सीधी थी कि आगे कुछ कहने की गुंजाइश नहीं बची.
धर्मेंद्र की ईमानदार छवि
वह हमेशा साफ बोलने वाले इंसान रहे. उनके बारे में झूठ बोलने या बात छिपाने की छवि कभी नहीं रही. इसलिए जब उन्होंने साफ कहा कि यह गलत है, तो लोगों ने उनकी बात पर भरोसा किया.
धर्मेंद्र का धर्म से जुड़ा नजरिया
धर्मेंद्र (Dharmendra) का धर्म के प्रति नजरिया हमेशा सरल रहा. वह दिखावा नहीं करते थे. न कट्टर बातें, न ऊंची आवाज़, बस अपनी जड़ों और अपने संस्कारों को शांत तरीके से जीते थे. उनकी परवरिश पंजाब के एक साधारण जाट-हिंदू परिवार में हुई थी. धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते थे, लेकिन यह कभी उनकी पहचान का शोर नहीं बना. धर्मेंद्र सिर्फ पर्दे पर हीरो नहीं थे, वह असल जिंदगी में भी उतने ही मजबूत और सच बोलने वाले इंसान थे.
उनका जवाब, उनका लहजा, और उनका सीधा स्वभाव यही बातें आज उन्हें एक इंसान के रूप में यादगार बनाती हैं. धर्मेंद्र (Dharmendra) ने कभी अफवाहों के सामने झुककर सफाई नहीं दी. बस एक लाइन कही और वही लाइन आज भी उनके व्यक्तित्व की पहचान है.
धर्मेंद्र का जीवन बड़े पर्दे से कहीं आगे था. उनका व्यवहार, उनकी विनम्रता और उनकी सच्चाई, यही चीजें उन्हें महान बनाती थीं. धर्म परिवर्तन की अफवाह वाले उस दौर ने उनके चरित्र की मज़बूती को सबसे साफ तरीके से सामने रखा.
आज जब वह नहीं रहे, तो यह बात दोबारा समझ आती है कि हीरो होना केवल फिल्मों में नहीं होता, कई लोग अपनी सच्चाई की वजह से असल जिंदगी में भी हीरो बनते हैं. धर्मेंद्र ऐसे ही एक हीरो थे.
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