Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 के पावन अवसर पर देवी दुर्गा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कुछ पारंपरिक उपायों का पालन करना बेहद फलदायी माना जाता है.

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ज्योतिष के मुताबिक, नवरात्रि 2026 के प्रारंभ से पहले कुछ वस्तुओं को घर में लाने से नकारात्मकता दूर होती है और सुख एवं समृद्धि प्राप्त होती है. चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हो रही है. 

नवरात्रि का त्योहार केवल उपवास और संयम तक ही सीमित नहीं है, यह घर की ऊर्जा को शुद्ध करने का भी समय है. ऐसा माना जाता है कि, घटस्थापना से पहले कुछ पवित्र वस्तुओं को घर में लाने से वास्तु दोष दूर होने के साथ आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं. 

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चैत्र नवरात्रि से पहले सोने या चांदी का सिक्का खरीदना काफी शुभ माना जाता है. यदि सिक्के पर देवी लक्ष्मी या भगवान गणेश की छवि अंकित हो यह और भी शुभ होता है. नवरात्रि के दौरान पूजा के लिए इसे अपनी तिजोरी में रखें और बाद में भी इसे अपनी मनी लॉकर में रखें. इससे पूरे साल धन की निरंतर प्राप्ति सुनिश्चित होती है. 

कमल का फूल या फोटो

देवी दुर्गा और मां लक्ष्मी दोनों को कमल के फूल प्रिय हैं. नवरात्रि के दौरान घर में कमल का फूल लाना या कमल पर बैठी देवी लक्ष्मी की तस्वीर रखना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इससे परिवार में शांति और प्रेम का संतार होता है. 

सोलह अलंकरण

शक्ति की पूजा के इस त्योहार में देवी दुर्गा को सोलह आभूषण अर्पित करना बेहद जरूरी है. बाजार से लाल चुनरी, चुड़ियां, बिंदी और अन्य आभूषण लाकर घर के मंदिर में स्थापित करें. नवरात्रि के दौरान देवी को ये आभूषण अर्पित करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है. 

पीतल या तांबे का कलश

घटस्थापना के लिए नया कलश लाना अत्यंत शुभ माना जाता है. मिट्टी के कलश के स्थान पर पीतल या तांबे का नया कलश लाना पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. 

मोर का पंख

देवी सरस्वती और भगवान कृष्ण को मोर का पंख प्रिय होता है, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का काम करता है. नवरात्रि से पहले तीन मोर पंख लाकर उन्हें मंदिर या घर के मुख्य द्वार के नजदीक रखने से वास्तु दोष का निवारण होता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.