Ayodhya Shri Ram Yantra: अयोध्या से है हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर 19 मार्च को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंदिर के शिखर तल पर स्वर्ण निर्मित ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना करेंगी। 8 दिनों के विशेष वैदिक अनुष्ठान के बाद यह यंत्र मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा को और विस्तार देगा.

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की श्रीराम यंत्र की स्थापना

यंत्र राम मंदिर के शिखर पर स्थापित होगा, जिससे मंदिर की दिव्यता और आध्यात्मिक महत्व और बढ़ेगा. इससे पहले 8 दिनों तक चले ‘श्री सीताराम राम जानकी यज्ञ’ का आज पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ. वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरे अयोध्या में भक्ति का माहौल बना रहा.

यह स्वर्ण निर्मित यंत्र आदि गुरु आदि शंकराचार्य की परंपरा से जुड़े वर्तमान शंकराचार्यों द्वारा विशेष रूप से भेजा गया है. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी भी मौजूद रहेंगी.

राष्ट्रपति सबसे पहले रामलला के दर्शन करेंगी, इसके बाद राजाराम दरबार में पूजा-अर्चना करेंगी और अंत में मंदिर के शिखर तल पर जाकर ‘श्री राम यंत्र’ की विधिवत स्थापना करेंगी.

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरे शहर को सजाया गया है. प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं. धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से यह आयोजन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ‘श्री राम यंत्र’ को केवल एक स्वर्ण संरचना नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, आस्था और विश्व कल्याण के संकल्प के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है. हिंदू नववर्ष के इस अवसर पर अयोध्या से पूरी दुनिया को शांति और शक्ति का संदेश जाएगा.

Ayodhya Shri Ram Yantra: श्री राम यंत्र क्या है? 19 मार्च को अयोध्या में होने वाली ऐतिहासिक स्थापना का रहस्य

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