नईदिल्लीः एक समय हुआ करता था जब जिन कपल्स को बच्चे नहीं होते थे तो वे खूब परेशान रहते थे और इलाज के लिए दर-दर भटकते थे लेकिन आज के समय में तकनीक ने इतनी तरक्की कर ली है कि बच्चा पैदा करना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं रह गया है. किन्हीं कारणों से यदि कपल बच्चा पैदा करने में सक्षम नहीं है तो भी तकनीक की मदद से बच्चा किया जा सकता है. तकनीक का ही कमाल है कि अब ये एक कदम और आगे बढ़ गया है. अभी तक टेस्ट ट्यूब बेबी, आईवीएफ, सरोगेसी जैसी तकनीकों को अपनाकर बच्चा पैदा किया जाता था लेकिन अब त्वचा के सेल्स लेकर भी बच्चे को जन्म दिया जा सकेगा. दिलचस्प बात ये है कि इससे पुरुषों को अभिभावक बनने के लिए महिला पार्टनर की जरूरत नहीं पड़ेगी. इतना ही नहीं, जो महिलाएं कैंसर या किसी अन्य गंभीर बीमारी के कारण अपनी प्रजनन क्षमता खो देती हैं वे भी मां बन सकती हैं. लेकिन ऐसे लोग तभी बच्चा कर पाएंगे जब वे इलाज से पहले अपने अंडाणुओं को फ्रोजन करवा दें. आपको पढ़कर बेशक आश्चर्य होगा लेकिन ये सच है. जी हां, अब व्यक्ति अपनी त्वचा की कोशिकाओं के जरिए बच्चे को जन्म देने में सक्षम हो सकता है. बेशक ये तकनीक एकदम नई है और लोगों को इस पर भरोसा ना हो लेकिन आने वाले समय में ये तकनीक काफी पॉपुलर होने का अनुमान है. टेस्ट ट्यूब बेबी में जहां अंडाणु और शुक्राणु के निषेचन के जरिए बच्चे पैदा किए जाते थे अब लोग अपनी की स्किन की कोशिकाओं से बच्चे कर सकते हैं. शोधकर्ता इसका प्रयोग चूहों पर करने के लिए लगभग पूरी तैयार कर चुके हैं. शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस तकनीक में शुक्राणुओं को त्वचा या अन्य ऊतकों में मिलाया जाएगा और ये तकनीक अगर सफल हो गई तो आने वाले समय में बच्चा पैदा करने के लिए महिलाओं की जरूरत नहीं पड़ेगी. दिलचस्प बात ये है कि इस प्रयोग के सफल होने से समलैंगिक भी खुद का बच्चा पैदा कर सकेंगे. यानी इंसान अपने जीन से अपने बच्चे को जन्म दे पाएगा.