आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती क्रॉनिक स्वास्थ्य समस्याएं जैसे डायबिटीज, हृदय रोग, श्वसन संबंधी विकार और जोड़ों का दर्द लाखों लोगों को प्रभावित कर रही हैं. ऐसे में पतंजलि का दावा है कि उसके वेलनेस सेंटर प्राचीन आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से इन समस्याओं का समग्र समाधान प्रदान कर रहा है. पतंजलि ने बताया कि सेंटर के कस्टमाइज्ड ट्रीटमेंट्स व्यक्ति की विशिष्ट जरूरतों के आधार पर तैयार किए जाते हैं, जो न केवल लक्षणों को दूर करते हैं बल्कि रोग की जड़ तक पहुंचते हैं. यह दृष्टिकोण आधुनिक चिकित्सा की कमियों को पूरा करता है और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों से मुक्ति दिलाता है.

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मरीजों का किया जाता है विस्तृत मूल्यांकन- पतंजलि

पतंजलि का कहना है, ''वेलनेस सेंटर आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, पंचकर्मा, योग थैरेपी और डाइट थैरेपी पर आधारित हैं. यहां आने वाले मरीजों का पहले विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है, जिसमें उनकी जीवनशैली, आहार, मानसिक स्थिति और शारीरिक संरचना का विश्लेषण शामिल होता है. इसके आधार पर एक व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है. उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित है तो उसके लिए हर्बल दवाएं, योगासन जैसे धनुरासन और प्राणायाम, साथ ही विशेष डाइट प्लान निर्धारित किया जाता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसी तरह, हृदय रोगियों के लिए ओजोन थैरेपी और एक्यूपंक्चर जैसी तकनीकें अपनाई जाती हैं, जो रक्त संचार को सुधारती हैं और हार्ट अटैक के जोखिम को कम करती हैं.''

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शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर होता है फोकस- पतंजलि

पतंजलि का दावा है, ''क्रॉनिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए पतंजलि के ट्रीटमेंट्स का मुख्य फोकस शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर होता है. पंचकर्मा थैरेपी, जो विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया है, विशेष रूप से फायदेमंद साबित हुई है. इसमें वमन, विरेचन और बस्ती जैसे उपचार शामिल हैं जो लीवर, किडनी और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे अस्थमा या टीबी के लिए, सेंटर में ड्राई कफ और पल्मोनरी इश्यूज के लिए विशेष थैरेपी उपलब्ध हैं, जो प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और योग से फेफड़ों की क्षमता बढ़ाती हैं.''

इम्यूनिटी को बूस्ट करता है सत्विक भोजन- पतंजलि

पतंजलि ने बताया, ''डाइट थैरेपी में व्यक्तिगत आहार योजनाएं दी जाती हैं, जैसे कि सत्विक भोजन जो इम्यूनिटी को बूस्ट करता है. हाइड्रोथैरेपी और मसाज जैसी विधियां दर्द और सूजन को कम करने में सहायक हैं. ये कस्टमाइज्ड ट्रीटमेंट्स न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधारते हैं बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर करते हैं. योग और ध्यान सत्रों से स्ट्रेस हार्मोन कम होते हैं, जो क्रॉनिक बीमारियों की एक प्रमुख वजह है.''