How To Make A First Aid Box At Home: घर में छोटी-मोटी चोट या अचानक तबीयत खराब होने जैसी स्थिति कभी भी आ सकती है. ऐसी स्थिति को हमेशा रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसके लिए पहले से तैयारी जरूर की जा सकती है. घर में एक अच्छी तरह से तैयार फर्स्ट-एड बॉक्स रखना इसी तैयारी का जरूरी हिस्सा है. खासकर अगर घर में बच्चे या बुजुर्ग हैं, तो फर्स्ट-एड बॉक्स में जरूरी सामान का मौजूद होना काफी मददगार हो सकता है.

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अक्सर जरूरत के समय पता चलता है कि पट्टी खत्म हो गई है, थर्मामीटर नहीं मिल रहा या जरूरी सामान सही जगह पर रखा ही नहीं है. इसलिए सिर्फ फर्स्ट-एड बॉक्स रखना ही काफी नहीं है. उसे सही तरीके से व्यवस्थित करना और समय-समय पर उसकी जांच करना भी जरूरी है.

फर्स्ट-एड बॉक्स कहां रखें?

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सबसे पहले फर्स्ट-एड बॉक्स के लिए घर में एक ऐसी जगह तय करें, जहां जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से निकाला जा सके. घर के सभी लोगों को इसकी जगह के बारे में पता होना चाहिए. हालांकि, अगर घर में छोटे बच्चे हैं, तो बॉक्स को उनकी पहुंच से दूर रखना जरूरी है. इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखें. इस्तेमाल करने के बाद हर सामान को वापस उसी जगह पर रखें, ताकि अगली बार जरूरत पड़ने पर चीजें ढूंढने में समय न लगे. एक व्यवस्थित फर्स्ट-एड बॉक्स मुश्किल समय में काफी काम आ सकता है.

हर 6 महीने में करें सामान की जांच

फर्स्ट-एड बॉक्स को एक बार तैयार करके भूल जाना सही नहीं है. इसमें रखी चीजों की कम से कम हर 6 महीने में जांच करनी चाहिए. खास तौर पर दवाइयों और दूसरे मेडिकल सामान की एक्सपायरी डेट जरूर देखें. जिस सामान की एक्सपायरी हो चुकी है, उसे इस्तेमाल न करें. सिर्फ दवाइयों की ही नहीं, बल्कि घाव पर लगाने वाली पट्टियों और बैंडेज की भी एक्सपायरी डेट हो सकती है. इसलिए इनकी भी नियमित जांच करें.

अगर बच्चों के लिए दवाइयां रखी हैं, तो उनके पैकेट पर उम्र से जुड़ी जानकारी भी जरूर देखें. बच्चों की उम्र बढ़ने के साथ उनकी जरूरत के हिसाब से दवाइयों में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए समय-समय पर इन्हें भी चेक करके जरूरी सामान अपडेट करते रहें.

फर्स्ट-एड बॉक्स में ये चीजें जरूर रखें

घर की फर्स्ट-एड बॉक्स में ऐसी चीजें होनी चाहिए जो आम चोट या अचानक होने वाली छोटी-मोटी परेशानी के समय काम आ सकें. इसमें सबसे पहले एक थर्मामीटर रखा जा सकता है, ताकि जरूरत पड़ने पर शरीर का तापमान चेक किया जा सके. इसके अलावा अलग-अलग साइज के वाउंड प्लास्टर रखें. ये छोटी चोट या कट को कवर करने के काम आ सकते हैं. गहरे कट या घाव को ड्रेस करने के लिए फिक्सेशन टेप और कॉटन गॉज भी रखे जा सकते हैं.

मोच या चोट जैसी स्थिति के लिए क्रेप बैंडेज भी फर्स्ट-एड बॉक्स का हिस्सा होना चाहिए. इसके साथ चिमटी और कैंची जैसी जरूरी चीजें भी रखें. स्टेराइल ग्लव्स भी बॉक्स में रखना उपयोगी हो सकता है.

दवाइयों का स्टॉक भी जांचते रहें

फर्स्ट-एड बॉक्स में सिरदर्द और बुखार जैसी आम परेशानियों के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयां रखी जा सकती हैं. इसके अलावा सर्दी-जुकाम से जुड़ी जरूरत के लिए डिकंजेस्टेंट, कफ मेडिसिन और गले की गोलियां भी सूची में शामिल की जा सकती हैं. दस्त के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा भी रखी जा सकती है. हालांकि, दवाइयों को रखते समय उनकी एक्सपायरी डेट और उम्र से जुड़ी जानकारी जरूर जांचें. जरूरत के हिसाब से पुराने सामान को हटाकर नया स्टॉक रखें.

बाहर जाने के लिए अलग छोटा फर्स्ट-एड किट

घर के फर्स्ट-एड बॉक्स के अलावा बाहर जाने के लिए एक छोटा फर्स्ट-एड किट भी तैयार किया जा सकता है. इसे आसानी से बैग में रखा जा सके. खासकर ट्रैवल, स्पोर्ट्स, हाइकिंग या किसी आउटडोर एक्टिविटी के दौरान यह काम आ सकता है. इस किट में क्या रखना है, यह इस बात के हिसाब से तय किया जा सकता है कि आप कहां जा रहे हैं और किस तरह की स्थिति सामने आ सकती है. इसका मकसद इतना है कि छोटी चोट या जरूरत पड़ने पर जरूरी सामान तुरंत मिल सके.

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इमरजेंसी नंबर भी रखें

फर्स्ट-एड बॉक्स को व्यवस्थित करते समय एक जरूरी काम इमरजेंसी नंबर लिखकर रखना भी है. एक कागज पर जरूरी इमरजेंसी फोन नंबर और हेल्पलाइन नंबर लिखकर फर्स्ट-एड बॉक्स के साथ रखें. इसके अलावा आसपास के डॉक्टर, अस्पताल या फार्मेसी के संपर्क नंबर भी लिखे जा सकते हैं. इससे जरूरत के समय घर के किसी भी सदस्य को जरूरी जानकारी आसानी से मिल सकेगी.

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