How Thymus Health Affects Lifespan: क्या आपके सीने का एक छोटा सा अंग आपकी लंबी उम्र और गंभीर बीमारियों के खतरे का संकेत दे सकता है? हाल ही में सामने आई एक नई स्टडी ने इसी ओर इशारा किया है. साइंस जर्नल नेचर में प्रकाशित इस शोध के मुताबिक, थाइमस  नाम का अंग हमारे इम्यून सिस्टम और लंबे समय तक स्वस्थ रहने में अहम भूमिका निभाता है. रिसर्च में बताया गया है कि थाइमस की सेहत सीधे तौर पर हार्ट डिजीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे से जुड़ी हो सकती है. साइंटिस्ट का कहना है कि यह अंग अब सिर्फ एक सामान्य ग्लैंड्स नहीं, बल्कि उम्र बढ़ने और बीमारियों की संभावना को कंट्रोल करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक बनकर उभर रहा है.

Continues below advertisement

क्या है थाइमस?

थाइमस एक छोटी, दो भागों वाली ग्रंथि होती है, जो फेफड़ों के बीच ऊपरी छाती में स्थित होती है. इसका मुख्य काम टी-लिम्फोसाइट्स नामक व्हाइट ब्लड सेल्स का निर्माण करना है, जो शरीर को इंफेक्शन और बीमारियों से बचाती हैं. इस स्टडी में वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 27,000 से ज्यादा मरीजों के स्कैन और मेडिकल रिकॉर्ड का एनालिसिस किया. इसके जरिए उन्होंने थाइमस की सेहत और मरीजों की बीमारी के जोखिम के बीच संबंध को समझने की कोशिश की.

Continues below advertisement

इसे भी पढ़ें-Benefits Of Vigorous Exercise: कसरत ऐसी करो कि फूलने लगे सांस, इससे 60% कम हो जाता है मौत का खतरा!

क्या निकला नतीजा?

नतीजों में पाया गया कि जिन लोगों का थाइमस हेल्दी था, उनमें मृत्यु दर करीब 13.4 प्रतिशत रही, जबकि जिनका थाइमस कमजोर था, उनमें यह आंकड़ा 25.5 प्रतिशत तक पहुंच गया. इसके अलावा, कमजोर थाइमस वाले लोगों में 5.3 प्रतिशत को फेफड़ों का कैंसर और 16.7 प्रतिशत को हार्ट संबंधी बीमारियां होने का खतरा ज्यादा पाया गया. रिसर्च यह भी बताता है कि उम्र बढ़ने के साथ थाइमस धीरे-धीरे सिकुड़ता जाता है और उसकी जगह फैटी टिश्यू ले लेते हैं. यही बदलाव शरीर की रोग इम्यून क्षमता को कमजोर कर सकता है.

रिसर्च के लिए इसका यूज

साइंटिस्ट ने आगे इस शोध को और मजबूत करने के लिए दो बड़े अध्ययन फ्रेमिंगहैम हार्ट स्टडी और नेशनल लंग स्क्रीनिंग ट्रायल के डेटा का भी उपयोग किया. इसमें AI आधारित डीप लर्निंग सिस्टम के जरिए थाइमस की स्थिति का ज्यादा सटीक आकलन किया गया. रिसर्चर का कहना है कि पारंपरिक तरीके से थाइमस की जांच उतनी सटीक नहीं होती, इसलिए AI तकनीक ने इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाई है. इस मॉडल ने अलग-अलग डेटा सेट पर भी लगातार सटीक परिणाम दिए. रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि लाइफस्टाइल में बदलाव, जैसे नियमित एक्सरसाइज, अच्छी नींद और संतुलित आहार थाइमस की सेहत पर पॉजिटिव असर डाल सकते हैं.

इसे भी पढ़ें-Bone Marrow Health tips : इन हरकतों से खराब हो जाएगा आपका बोन मैरो! जल्द कर लें सुधार वरना यमराज से होगी मुलाकात

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.