विजडम टूथ यानी अक्ल की दाढ़ मुंह में सबसे आखिर में निकलने वाला दांत है. आमतौर पर यह 17 से 25 साल की उम्र के बीच निकलता है. कुछ लोगों में यह आसानी से निकल आता है और किसी खास परेशानी का कारण नहीं बनता. वहीं कुछ लोगों के मुंह में इसके लिए पर्याप्त जगह नहीं होती. ऐसी स्थिति में दांत आधा निकलता है, टेढ़ा बढ़ता है या मसूड़े के अंदर ही फंसा रहता है. इससे दर्द, सूजन और खाना चबाने में परेशानी हो सकती है. इसलिए हर विजडम टूथ को निकलवाना जरूरी नहीं होता, बल्कि दांत की पोजिसन  देखकर फैसला किया जाता है.

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आखिर किस काम आता है विजडम टूथ ?

विजडम टूथ को हिंदी में अक्ल की दाढ़ कहा जाता है. यह दांतों की आखिरी कतार में मौजूद होता है और इसका मुख्य काम खाना चबाने में मदद करना है. पुराने समय में लोगों के खान-पान में ज्यादा सख्त और कच्ची चीजें शामिल होती थीं, इसलिए इन दांतों की जरूरत ज्यादा मानी जाती थी. समय के साथ इंसानों के जबड़े का आकार छोटा हुआ और खान-पान भी बदल गया. इसी वजह से आज कई लोगों के मुंह में विजडम टूथ के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती. हालांकि, अगर दांत सही जगह पर निकला है, साफ रखना आसान है और इससे कोई परेशानी नहीं हो रही है, तो इसे रखने में कोई दिक्कत नहीं होती.

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कब विजडम टूथ परेशानी देने लगता है?

जब विजडम टूथ के लिए मसूड़े में पर्याप्त जगह नहीं होती, तब यह टेढ़ा निकल सकता है या आधा ही बाहर आ सकता है. ऐसे में उसके आसपास खाना फंसने लगता है और सफाई करना मुश्किल हो जाता है. इससे मसूड़ों में सूजन, दर्द और संक्रमण की परेशानी होने लगती है. कुछ लोगों को मुंह खोलने या खाना चबाने में भी परेशानी होती है. कई बार यह दांत अपने पास वाले दांत पर भी दबाव डालता है, जिससे वहां भी दर्द की समस्या शुरू हो जाती है. अगर दांत मसूड़े के अंदर फंसा हुआ है, तो डेंटिस्ट एक्स-रे के जरिए उसकी स्थिति देखते हैं. इसी जांच के बाद इलाज की जरूरत  तय  की जाती है.

क्या हर विजडम टूथ निकलवाना जरूरी है?

हर व्यक्ति को अपनी विजडम टूथ निकलवाने की जरूरत नहीं होती. अगर दांत सीधा निकला है, तो उसे आसानी से साफ किया जा सकता है और दर्द, संक्रमण या दूसरे दांतों को नुकसान जैसी परेशानी नहीं होती है, तो डेंटिस्ट इसे सामान्य तरीके से रखने की सलाह दे सकते हैं. लेकिन बार-बार दर्द, मसूड़ों में सूजन, संक्रमण, दांत में सड़न या पास वाले दांत को नुकसान होने पर इसे निकालने की सलाह दी जाती है. कुछ मामलों में दांत पूरी तरह मसूड़े के अंदर फंसा रहता है और आगे चलकर परेशानी पैदा करता है. ऐसे मामलों में डेंटिस्ट सर्जरी के जरिए इसे निकालते हैं. इसलिए विजडम टूथ निकलवाने का फैसला खुद से नहीं, बल्कि डेंटिस्ट की जांच के बाद करना चाहिए.

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