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कुछ लोग बिना डाइट और जिम जाए भी क्यों होते हैं पतले? जान लें कारण

जो लोग के नेचुरल रूप से पतले होते हैं वह अक्सर सख्त डाइट या भारी वर्कआउट नहीं करते. उनकी खासियत होती है कि वह कम मात्रा में खाना खाते हैं और दिनभर हल्की-फुल्की एक्टिविटी में बने रहते हैं.

अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग बिना खास डाइट फॉलो किए या जिम जाए बिना भी पतले बने रहते हैं. जबकि कई लोग डाइटिंग और एक्सरसाइज के बावजूद भी वजन कम करने में संघर्ष करते रहते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है. दरअसल इसका जवाब सिर्फ जीन में नहीं बल्कि रोजमर्रा की आदतों और शरीर के काम करने के तरीके में भी छुपा होता है. इसे लेकर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जेनेटिक्स शरीर की नींव करती है, लेकिन लंबे समय तक पतला बने रहने में लाइफस्टाइल की भूमिका कहीं ज्यादा होती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कुछ लोग बिना डाइट और जिम जाए भी पतले क्यों होते हैं. 

जेनेटिक्स नहीं, रोजाना की आदतें निभाती है बड़ी भूमिका 

एक्सपर्ट बताते हैं कि जो लोग के नेचुरल रूप से पतले होते हैं वह अक्सर सख्त डाइट या भारी वर्कआउट नहीं करते. उनकी खासियत होती है कि वह कम मात्रा में खाना खाते हैं, बार-बार ओवरराइटिंग नहीं करते और दिनभर हल्की-फुल्की एक्टिविटी में बने रहते हैं. यही आदतें धीरे-धीरे वजन बढ़ने से रोकती है और उन्हें खुद एहसास भी नहीं होता कि वे अपने शरीर को कैसे संतुलित रख रहे हैं. वहीं पतले लोग और जल्दी वजन बढ़ने वालों में एक बड़ा फर्क यह भी होता है कि उनका शरीर भूख और पेट भरने के संकेतों को कैसे समझता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार कई पतले लोग जल्दी संतुष्ट हो जाते हैं और पेट बरते ही खाना रोक देते हैं, वहीं कुछ लोग इन संकेतों को नजर अंदाज कर देते हैं, जिससे जरूरत से ज्यादा खाना हो जाता है और वजन बढ़ने लगता है. 

छोटी-छोटी आदतें जो डालती है, बड़ा असर 

एक्सपर्ट का कहना है कि वजन कंट्रोल रखने के लिए हर बार डाइटिंग जरूरी नहीं होती है. धीरे-धीरे खाना, कम स्नैकिंग करना, ज्यादा चलना,  बैठे रहने की बजाई खड़े रहना या हल्की हलचल में रहना यह सब आदतें समय के साथ कैलोरी बर्न करती है. इस तरह के नॉन एक्सरसाइज मूवमेंट भी वजन बढ़ने से बचाने मैं मदद करती है. 

मेहनत के बाद भी क्यों नहीं घटता वजन?

कम पानी पीना और ज्यादा शुगर लेना

हार्ट अटैक, स्ट्रोक, डायबिटीज, फैटी लीवर और हाई बीपी जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए वजन कंट्रोल रखना जरूरी है. इसके बावजूद कई लोग डाइट और एक्सरसाइज करने के बाद भी वजन कम नहीं कर पाते हैं. इसके पीछे कुछ आम गलतियां जिम्मेदार होती है, जैसे कम पानी पीना और ज्यादा शुगर लेना. कम पानी पीने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है और शरीर में वाटर रिटेंशन बढ़ सकता है. वहीं जरूरत से ज्यादा शुगर लेने पर इंसुलिन बढ़ता है, जिससे फैट बर्निंग पर असर पड़ता है. 

ज्यादा तेल और कम प्रोटीन 

डाइट में जरूरत से ज्यादा तेल लेना भले ही वह गुड फैट हो तो कैलोरी बढ़ा सकता है. दूसरी तरफ प्रोटीन की कमी से मेटाबॉलिज्म स्लो होता है और मसल्स लॉस का खतरा बढ़ जाता है. 

जरूरत से ज्यादा कार्डियो और हेल्दी फूड 

ज्यादा फायदेमंद चीजे भी कई बार नुकसान कर सकती है. ज्यादा कार्डियो करने से स्ट्रेस हार्मोन कार्टिसोल बढ़ सकता है, जिससे वजन घटने की बजाय रुक सकता है. वहीं हेल्दी फूड भी अगर ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो कैलोरी बढ़ाकर वेट लॉस रोक सकता है. 
  
फाइबर की कमी 

वजन घटाने के लिए फाइबर बहुत जरूरी होता है. यह पेट को देर तक भरा रखता है और बार-बार भूख लगने से बचाता है. खाने में फाइबर वाली सब्जियों को धीरे-धीरे बढ़ाने से वजन कंट्रोल में मदद मिल सकती है. 

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें 

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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