Best Supplements For Kidneys: किडनी से जुड़ी समस्याएं अक्सर धीरे-धीरे बढ़ती हैं और शुरुआती दौर में इनके लक्षण साफ नजर नहीं आते. ऐसे में लोग ऐसे सप्लीमेंट्स की तलाश करते हैं, जो किडनी की फिल्ट्रेशन क्षमता को सपोर्ट करें, सूजन कम करें और अंगों की कार्यक बेहतर बनाए रखें। हालांकि यह साफ समझना जरूरी है कि कोई भी सप्लीमेंट किडनी की बीमारी को ठीक नहीं कर सकता, लेकिन सही तरीके से और सही मात्रा में लिया गया कुछ पोषक तत्व ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने और किडनी के काम को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं. NIH और नेशनल किडनी फाउंडेशन से जुड़ी स्टडीज़ भी इसी ओर इशारा करती हैं.

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विटामिन हो सकते हैं कारगर

टारगेटेड न्यूट्रिशन की ताकत की बात करें तो कुछ खास विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट सेल्स को होने वाले नुकसान को कम करने, डिटॉक्स प्रक्रिया को सपोर्ट करने और किडनी के टिश्यू को लगातार पड़ने वाले तनाव से बचाने में सहायक हो सकते हैं. ये इलाज का विकल्प नहीं हैं, लेकिन मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ मिलकर एक सपोर्ट सिस्टम की तरह काम कर सकते हैं. विटामिन C को एक मजबूत एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है. यह किडनी के टिश्यू में होने वाली सूजन और ऑक्सीडेटिव डैमेज को कम करने में मदद करता है, जो लंबे समय में किडनी की कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचा सकते हैं. सुरक्षित मात्रा में लिया गया विटामिन C किडनी को मजबूत बनाए रखने में सहायक हो सकता है.

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यह इम्यून सिस्टम को भी सपोर्ट करता है. बार-बार होने वाले इंफेक्शन, खासकर यूटीआई, किडनी की समस्या को और बिगाड़ सकते हैं. विटामिन C शरीर की रोग इम्युन सिस्टम को मजबूत करता है, जिससे ऐसे इंफेक्शन का खतरा कम हो सकता है और किडनी पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी घटता है. किडनी लगातार शरीर से टॉक्सिन्स को फिल्टर करती रहती है, इसलिए फ्री-रेडिकल्स से होने वाला नुकसान यहां जल्दी हो सकता है. विटामिन C इन हानिकारक तत्वों को खत्म करने में मदद करता है, जिससे किडनी पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है और धीरे-धीरे होने वाली क्षति की रफ्तार धीमी पड़ सकती है.

इन स्थिति में करना चाहिए परहेज

किडनी स्टोन के मामले में भी विटामिन C की भूमिका थोड़ी संतुलन वाली है. कुछ लोगों में सीमित मात्रा में इसका सेवन यूरिन में स्टोन बनाने वाले तत्वों को कम कर सकता है. लेकिन बहुत ज्यादा मात्रा में विटामिन C लेने से उल्टा स्टोन बनने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए डोज को लेकर सावधानी बेहद जरूरी है. खासतौर पर जिन लोगों को एडवांस किडनी डिजीज है या जिन्हें ऑक्सालेट स्टोन बनने की प्रवृत्ति है, उन्हें हाई-डोज विटामिन C से बचना चाहिए. किसी भी तरह का सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है, खासकर तब जब आप पहले से किडनी से जुड़ी दवाएं ले रहे हों.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.