How Much Beer Is Life Threatening: गलती से भी एक बार में बहुत ज्यादा बियर पी लेना जानलेवा साबित हो सकता है, लेकिन यह समझना आसान नहीं है कि आखिर कितनी मात्रा खतरनाक हो सकती है. दोस्तों के साथ बैठकर कुछ पेग लेते समय शायद ही कोई इस बात पर ध्यान देता है कि शरीर की अपनी एक सीमा होती है. सच यह है कि शराब से मौत की कोई एक तय मात्रा नहीं होती. चलिए आपको बताते हैं कि कितनी बियर पीना आपके लिए खतरनाक हो सकता है?

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कितनी बियर आपके लिए खतरनाक?

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट healthline के अनुसार, शरीर शराब को एक निश्चित रफ्तार से ही तोड़ पाता है. आम तौर पर लिवर एक घंटे में लगभग एक स्टैंडर्ड ड्रिंक प्रोसेस करता है. अगर कोई व्यक्ति जल्दी-जल्दी पीता है, तो ब्लड में अल्कोहल की मात्रा तेजी से बढ़ने लगती है. ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन यानी बीएसी अगर 0.08 प्रतिशत तक पहुंच जाए तो ज्यादातर जगहों पर व्यक्ति को नशे में माना जाता है. लेकिन जब यही स्तर 0.40 प्रतिशत या उससे ऊपर पहुंच जाता है, तो स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है. इस स्तर पर कोमा या मौत का जोखिम पैदा हो जाता है.

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एक स्टैंडर्ड ड्रिंक में लगभग 14 ग्राम शुद्ध अल्कोहल होता है. यह करीब 12 औंस लगभग 350 मि.ली, 5 प्रतिशत अल्कोहल वाली बियर, 5 औंस वाइन या 1.5 औंस हार्ड ड्रिंक के बराबर होता है. सामान्य तौर पर एक स्टैंडर्ड ड्रिंक BAC को लगभग 0.02 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है. इसका मतलब है कि कुछ ही ड्रिंक में व्यक्ति कानूनी रूप से नशे में आ सकता है, लेकिन जानलेवा स्तर तक पहुंचने के लिए इससे काफी ज्यादा मात्रा चाहिएय औसतन किसी व्यक्ति को 0.40 प्रतिशत BAC तक पहुंचने के लिए लगभग 25 स्टैंडर्ड ड्रिंक लेने पड़ सकते हैं, हालांकि असल जिंदगी में यह संख्या व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करती है. ध्यान रहे कि गिलास में परोसी गई बियर कई बार स्टैंडर्ड मात्रा से ज्यादा होती है या उसमें अल्कोहल प्रतिशत अधिक होता है, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है.

क्या होती है ओवर डोज की पहचान?

अल्कोहल ओवरडोज के संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है. लगातार उल्टी होना, त्वचा का पीला या नीला पड़ना, दिल की धड़कन धीमी होना, शरीर का तापमान गिरना, सांसों का बहुत धीमा या अनियमित होना, भ्रम की स्थिति, दौरे पड़ना या बेहोशी, ये सभी गंभीर चेतावनी संकेत हैं. अगर किसी की सांस आठ प्रति मिनट से कम हो जाए या वह जाग न पाए, तो तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी है. शराब का असर सिर्फ उसी रात तक सीमित नहीं रहता.

खाली पेट पीने से अल्कोहल तेजी से खून में पहुंचता है और कम मात्रा में भी ज्यादा नशा हो सकता है. पानी कम पीना, तेजी से ड्रिंक खत्म करना या अन्य पदार्थों के साथ मिलाकर पीना भी खतरा बढ़ाता है. इसलिए खाने के साथ पीना, हर ड्रिंक के बीच पानी लेना और एक घंटे में एक से ज्यादा ड्रिंक न लेना समझदारी मानी जाती है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.