नई दिल्ली: शोधकर्ताओं के मुताबिक आंखों में केमिकल के बदलाव होने के कारण मिडल ऐज में अंधापन होने की संभावना होती है.

निष्कर्ष से ये पता चला कि जेनेटिक कंडीशन के कारण ब्रिटेन(UK) में 3000 लोगों को इससे अंधापन हुआ है.

क्या कहती है रिसर्च- टीम ने ऑब्जर्व कर ये पता लगाया है कि कैसे जीन (known as RPGR) में परिवर्तन आंखों के सेल्स को डैमेज करता है जिसका कारण एक्स-लिंक्ड रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा डिस्ऑर्डर है. ये बीमारी एक क्रोनिक हैरिडिट्री आंख की बीमारी है जिसमें ब्लैक पिगमेंटेशन हो जाता है और रेटिना डिग्रेड होने लगता है.

इस बीमारी का ट्रीटमेंट नहीं हो सकता और ये रात के विजन को खासतौर पर प्रभावित करता है जो अंधेपन का कारण बनता है.

कैसे की गई रिसर्च- एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी की टीम ने दो मरीजों के स्किन के सैम्पल्स लिए और स्टेम कोशिकाओं को तब्दील कर दिया, जो कि किसी भी सेल प्रकार में बदल सकते हैं. उन्होंने इन सेल्स को उनके स्वस्थ रिश्तेदारों के सेल्स के साथ तुलना की. फोटोरिसेप्टर जो रेटिनिटिस पिगमेंटोसा के मरीजों में  था, उनकी मौलिक संरचना उनके रिश्तेदारों के मुताबिक काफी अलग था.

रिसर्च के नतीजे- लीड शोधकर्ता डॉ. रोली मेगाव का कहना है कि RPGR जीन और फोटोरिसेप्टर पर पड़ रहे उसके प्रभाव को समझकर इन निष्कर्षों से इस विनाशकारी बीमारी का संभव ट्रीटमेंट विकसित करने की आशा रखते हैं.

यह रिसर्च नेचर कम्युनिकेशन्स की जर्नल में पब्लिश हुई थी.

नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.