Early Symptoms Of Hypertension People Ignore: हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें सामान्य थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन हार्ट एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे दिल, दिमाग, किडनी और ब्लड वेसल्स को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि इसको लेकर एकस्पर्ट क्या कहते हैं. 

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ब्लड प्रेशर बढ़ने के नुकसान क्या होते हैं?

TOI में डॉ. रमाकांत पांडा की एक रिपोर्ट के अनुसार,  उन्होंने ऑपरेशन थिएटर और मरीजों के बीच चार दशक बिताए हैं और इस दौरान देखा है कि कैसे हाई ब्लड प्रेशर बिना शोर किए शरीर को अंदर ही अंदर कमजोर करता रहता है. डॉक्टर के मुताबिक, लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिल को ज्यादा मेहनत करने पर मजबूर करता है. इससे हार्ट की मांसपेशियां मोटी होने लगती हैं और धमनियां धीरे-धीरे सख्त पड़ जाती हैं. यही स्थिति आगे चलकर हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और किडनी डैमेज जैसी गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है.

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क्या होते हैं इसके शुरुआती लक्षण?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, सुबह उठते ही सिर के पीछे हल्का लेकिन लगातार दर्द महसूस होना हाई ब्लड प्रेशर का शुरुआती संकेत हो सकता है. कारियो एट अल. (2003) की स्टडी में पाया गया कि सुबह के समय अचानक बढ़ने वाला ब्लड प्रेशर स्ट्रोक और दूसरी कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है. इसके अलावा मामूली काम करने पर ज्यादा थकान महसूस होना या जल्दी सांस फूलना भी खतरे की घंटी हो सकती है. फ्रेमिंघम हार्ट स्टडी में लेवी एट अल. (1990) ने बताया था कि लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से हार्ट की दीवारें मोटी हो जाती हैं, जिससे हार्ट फेलियर और अचानक मौत का खतरा बढ़ जाता है. 

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हाई बीपी के क्या होते हैं नुकसान?

डॉक्टरों का कहना है कि गर्दन की नसों में तेज धड़कन महसूस होना, ध्यान लगाने में परेशानी, सोचने की क्षमता धीमी पड़ना या बार-बार नकसीर आना भी शरीर के अंदर बढ़ते दबाव का संकेत हो सकता है. 2020 लैंसेट कमीशन ऑन डिमेंशिया की रिपोर्ट में हाई ब्लड प्रेशर को डिमेंशिया और याददाश्त कमजोर होने का बड़ा कारण माना गया है.  रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या को लोग अक्सर सामान्य मान लेते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह किडनी पर बढ़ते दबाव का संकेत हो सकता है. 2020 लैंसेट कमीशन ऑन डिमेंशिया की रिपोर्ट में की रिसर्च में बताया गया कि हाई ब्लड प्रेशर क्रॉनिक किडनी डिजीज की बड़ी वजह है.

महिलाओं और पुरुषों में क्या होता है अंतर?

महिलाओं और पुरुषों में इसके लक्षण अलग-अलग तरीके से नजर आ सकते हैं. जी एट अल. (2020) की जामा कार्डियोलॉजी में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, मेनोपॉज के बाद महिलाओं में ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है और उनमें स्ट्रोक व हार्ट फेलियर का खतरा ज्यादा रहता है. वहीं पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर अक्सर कम उम्र में शुरू होता है और हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं के रूप में सामने आता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.