आजकल की लाइफस्टाइल में डायबिटीज एक आम बीमारी बन गई है. यह बीमारी ऐसी है, जिसमें खाने-पीने को लेकर बहुत सी सावधानियां रखनी पड़ती हैं.  गर्मियां चल रही हैं और ऐसे में ठंडा-ठंडा गन्ने का जूस पर किसका दिल नहीं आता. यह न सिर्फ दिमाग और पेट को राहत देता है, बल्कि हाइड्रेट रखने का काम भी करता है. 

Continues below advertisement

हालांकि, शुगर के मरीजों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या वे इसे पी सकते हैं या नहीं? कहा जाता है कि गन्ने का जूस ज्यादा मीठा होता है और शुगर रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है, ऐसे में आइए समझते है की इस पर एक्सपर्ट्स की क्या राय है. 

एक्सपर्ट की क्या राय है?

एक्सपर्ट्स की बात मानें तो कुछ डायबिटीज पेशेंट के लिए गन्ने के रस का सेवन करना संभव हो सकता है, लेकिन उन्हें नियंत्रित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए. एक्सपर्ट कहते हैं कि शुगर के मरीजों के लिए अच्छा यह है कि वह गन्ने के रस की जगह गन्ना खा सकते हैं, क्योंकि इसमें ज्यादा फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है, जो आपके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने नहीं देता. 

Continues below advertisement

यह भी पढ़ेंः डाइनिंग टेबल या सोफे पर करते हैं ऑफिस का काम तो हो जाएं सावधान, जल्दी बदल लें WFH की यह आदत

गन्ने के रस में कितनी शुगर होती है

फार्माकोग्नॉसी रिव्यूज में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक, गन्ने के रस में 70-75% पानी, 13-15% सुक्रोज और 10-15% फाइबर होता है. इसके अलावा भारत में पीलिया, रक्तस्राव, पेशाब में जलन, पेशाब में जलन और टॉयलेट संबंधी बीमारी के इलाज में गन्ने का रस बेहद कारगर है. वैसे तो गन्ने का जूस प्राकृतिक होता है, लेकिन इसमें शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जो शरीर में जल्दी घुलता है और ब्लड में शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकता है. आपको बता दें कि एक छोटा गिलास गन्ने के रस यानी 240 एमएल गन्ने के रस में करीब 50 ग्राम चीनी होती है यानी 10 चम्मच चीनी. 

कुछ  बातों का रखें ध्यान

चाहे डाइबीटीज पेशेंट हो या आम आदमी सबको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कभी भी खाली पेट गन्ने का जूस बिल्कुल न पिएं. ध्यान रखें कि एक बार में ज्यादा मात्रा में गन्ने का जूस ना लें, इससे शरीर में सुगर लेवल तेजी से बढ़ता है. साथ ही डाइबीटीज पेशेंट को डॉक्टर की सलाह के बिना इसे डाइट में शामिल नहीं करना चाहिए. शुगर के मरीजों के लिए गन्ने के जूस के अलावा कुछ हेल्दी ऑप्शनस भी हैं जैसे नारियल पानी, बिना चीनी के नींबू पानी, छाछ और ग्रीन टी.

यह भी पढ़ेंः क्या कैंसर से खुद लड़ सकता है हमारा शरीर, जानें कैसे काम करती है इम्यूनोथेरेपी और कब असरदार?