नई दिल्लीः मां का दूध बच्चों के लिए अमृत के समान होता है. ये बच्चों का ना सिर्फ विकास करता है बल्कि बच्चों को बीमारियों से भी बचाता है. हाल ही में आई रिसर्च के मुताबिक, मां का दूध बच्चों को इंफेक्शन से भी बचा सकता है. जानिए, क्या कहती है रिसर्च.

क्या कहती है रिसर्च- रिसर्च में कहा है कि मां के दूध में पाया जाने वाला एक खास किस्म का शक्कर नवजातों को कई हार्मफुल बैक्टीरिया से रक्षा करता है. दुनियाभर में गर्भवती महिलाओं में पाया जाने वाला ग्रुप बी स्ट्रेप बैक्टीरियम नवजातों में गंभीर इंफेक्शन पैदा कर सकता है और जो नवजातों में सेप्सिस या निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों होने का खतरा पैदा करता है. ये इंफेक्शन बढ़ने से बच्चों की मौत भी हो जाती है, क्योंकि नवजातों का इम्यून सिस्टम पूरी तरीके से विकसित नहीं हो पाता.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट- अमेरिका के टेनिसी में स्थित वैंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर स्टीवन टाउनसेंड का कहना है कि यह रिसर्च इंसान के दूध में पाए जाने वाले कार्बोहाइड्रेट के एंटीबैक्टीरियल के तौर पर काम करने का यह पहला उदाहरण है.

रिसर्च के नतीजे- रिसर्च में सामने आया है कि मां के दूध से मिलने वाला शक्कर एक एंटीबायोफिल्म की तरह काम करता है. मां के दूध में पाए जाने वाले इस तत्व की यह सबसे अविश्वसनीय खासियत है कि इसमें टॉक्सिंस बिल्कुल नहीं होते, जैसा कि अन्य एंटीबायोटिक्स में होता है.

क्यों की गई ये रिसर्च- तकरीबन 10 साल पहले शोधकर्ताओं ने रिसर्च में पाया था कि गर्भवती महिलाओं में ग्रुप बी स्ट्रेप बैक्टीरिया होते हैं और ये जर्म्स ब्रेस्टफीडिंग के जरिए नवजातों में चले जाते हैं. लेकिन चूंकि अधिकांश नवजात इस ग्रुप बी स्ट्रेप बैक्टीरिया की चपेट में आने से बच जाते हैं, इसलिए शोधकर्ता देखना चाहते थे कि मां के दूध में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो इन बैक्टीरिया से लड़ने का काम करते हैं.

रिसर्च के नतीजे वाशींगटन में हुए 254वीं अमेरिकन केमिकल सोसायटी की राष्ट्रीय बैठक में प्रदर्शित किए गए.

नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.