जिनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी किए गए अंतर्राष्ट्रीय आंकड़ों में इस बात का खुलासा हुआ है कि दुनियाभर में किशोरों की असमय मौतों के मामलों में सड़क दुर्घटनाएं सबसे ज्यादा जिम्मेदार रहीं हैं. बीबीसी ने डब्ल्यूएचओ के हवाले से बताया कि 2015 में 12 लाख से ज्यादा किशोरों की मौत हुई और 10 में से एक किशोर की मौत का कारण सड़क हादसा रहा. इन 115,302 मृतकों में से अधिकांश लड़के थे जिनकी उम्र 15 से 19 वर्ष के बीच थी. यह ज्यादातर यूरोप के गरीब देशों, अमेरिका और पूर्वी भूमध्य क्षेत्र से ताल्लुक रखते थे. सड़क हादसों का शिकार हुए अधिकांश युवाओं में पैदल चलने वाले, साइकिल और मोटरसाइकिल का उपयोग करने वाले शामिल हैं. वहीं, दुनियाभर में सीने में इंफेक्शन और आत्महत्या के कारण अधिकांश लड़कियों और युवा महिलाओं की मौत हुई. विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के लेखक एंथोनी कोस्टेलो ने कहा कि कई क्षेत्रों में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि कई देशों में आत्महत्या एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनती जा रही है, इसके मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है. बीबसी ने लेखक के हवाले से बताया, "किशोरावस्था जीवन का काफी तनावपूर्ण समय होता है. युवाओं को सहयोग की जरूरत होती है, लेकिन दुनियाभर में काफी हद तक किशोरों के स्वास्थ्य को उपेक्षित कर दिया गया है." एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में हर रोज 3,000 से ज्यादा किशोरों की मौत होती है.

नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.