Risk Of Brain Stroke Due To High Blood Pressure: स्ट्रोक से बच जाना किसी भी मरीज के लिए बड़ी राहत की बात होती है, लेकिन असली चुनौती उसके बाद शुरू होती है. बहुत से लोग जो स्ट्रोक से उबर जाते हैं, उनमें दोबारा स्ट्रोक होने का खतरा बना रहता है.  खासतौर पर उन मरीजों में यह जोखिम ज्यादा होता है जिन्हें दिमाग में खून बहने वाला स्ट्रोक यानी इंट्रासेरेब्रल हेमरेज हुआ हो. चलिए आपको बताते हैं कि इसका कारण क्या है. 

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क्यों होते हैं दोबारा स्ट्रोक?

इस तरह के स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण हाई ब्लड प्रेशर होता है. जब लंबे समय तक हाई बीपी ज्यादा रहता है, तो खून की नसों की दीवारें कमजोर पड़ने लगती हैं. धीरे-धीरे यह स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि नस फट जाए और दिमाग में खून बहने लगे. इसलिए दोबारा स्ट्रोक से बचने का सबसे असरदार तरीका है ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखना. हालांकि, यह काम उतना आसान नहीं होता जितना सुनने में लगता है. कई मरीजों को दिन में अलग-अलग समय पर कई तरह की दवाइयां लेनी पड़ती हैं. खासकर बुजुर्गों या दूसरी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह रूटीन निभाना मुश्किल हो जाता है. कभी दवा छूट जाती है, तो कभी सही समय पर नहीं ली जाती, जिससे इलाज का असर कम हो जाता है. 

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क्या निकला स्टडी में?

न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में पब्लिश रिपोर्ट के अनुसार,  इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए एक नई स्टडी की गई, जिसमें इलाज को आसान बनाने का तरीका खोजा गया. रिसर्चर ने एक ऐसी गोली पर काम किया जिसमें ब्लड प्रेशर की तीन आम दवाइयों को कम मात्रा में मिलाया गया है. इस गोली का नाम GMRx2 रखा गया है. यह स्टडी TRIDENT ट्रायल के तहत की गई, जिसमें अलग-अलग देशों के 1600 से ज्यादा मरीज शामिल हुए.  ये सभी मरीज पहले दिमाग में खून बहने वाले स्ट्रोक का सामना कर चुके थे और उनका ब्लड प्रेशर अभी भी सामान्य स्तर से ऊपर था. 

क्या निकला रिजल्ट?

मरीजों को दो समूहों में बांटा गया. एक समूह को यह नई कॉम्बिनेशन गोली दी गई, जबकि दूसरे समूह को सामान्य इलाज के साथ प्लेसीबो दिया गया. इसके बाद दोनों समूहों के परिणामों की तुलना की गई. नतीजे काफी चौंकाने वाले रहे.  जिन मरीजों ने यह कॉम्बिनेशन गोली ली, उनमें दोबारा स्ट्रोक का खतरा करीब 40 प्रतिशत तक कम हो गया. यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि दोबारा स्ट्रोक अक्सर ज्यादा गंभीर साबित होता है.

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इन चीजों के लिए भी कारगर

इसके अलावा, इस गोली को लेने वाले मरीजों में ब्लड प्रेशर भी बेहतर तरीके से कंट्रोल में पाया गया. रिसर्चर का कहना है कि ब्लड प्रेशर में थोड़ा सा भी सुधार लंबे समय में बड़े फायदे दे सकता है. स्टडी में यह भी सामने आया कि इस गोली से दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं, जैसे हार्ट अटैक और दिल की बीमारी से होने वाली मौत का खतरा भी कम हुआ. यानी यह इलाज सिर्फ स्ट्रोक ही नहीं, बल्कि दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है.

हालांकि, अभी कुछ सीमाएं भी हैं. इस स्टडी को कुछ सालों तक ही फॉलो किया गया है, इसलिए लंबे समय के असर को समझना बाकी है. इसके साथ ही, यह इलाज हर मरीज के लिए उपयुक्त हो, ऐसा जरूरी नहीं है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.