एक्सप्लोरर

नींद-डिप्रेशन की दवाएं बढ़ाती हैं बुजुर्गों में गिरने का खतरा, स्टडी में खुलासा

आज के भागते-दौड़ते और स्ट्रेस भरे दौर में नींद की समस्या से नींद की दवा का उपयोग आम हो गया है. यही दवा बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकती है. जानें क्या कहती है डॉक्टरों की नई स्टडी.

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. इस दौरान नींद ठीक से न आना और डिप्रेशन जैसी परेशानियां भी आम हो जाती हैं. ऐसे में डॉक्टर कुछ लोगों को नींद या डिप्रेशन की दवाएं देते हैं. इन दवाओं से परेशानी कम करने में मदद मिलती है, लेकिन इनका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता. खासकर बुजुर्गों में कुछ दवाओं से ज्यादा नींद, चक्कर या चलने में परेशानी हो सकती है. इससे उनके गिरने का खतरा बढ़ जाता है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैन फ्रांसिस्को के डॉक्टरों की स्टडी में भी दवाओं और बुजुर्गों के गिरने के बीच संबंध सामने आया है.

दवा लेने के बाद क्यों बढ़ जाता है गिरने का खतरा? 

नींद की कुछ दवाएं दिमाग को शांत करती हैं और नींद लाने में मदद करती हैं. कई बार इनका असर सुबह उठने के बाद भी बना रहता है. बुजुर्गों को उठने के बाद सुस्ती, चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है. इससे चलते समय शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है. खासकर रात में बाथरूम जाने के लिए अचानक उठने पर गिरने का खतरा ज्यादा रहता है. डिप्रेशन के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं भी चक्कर या नींद जैसी परेशानी पैदा कर सकती हैं. उम्र बढ़ने के साथ शरीर इन दवाओं को पहले की तुलना में धीरे-धीरे बाहर निकालता है. इसलिए बुजुर्गों में दवाओं का असर ज्यादा देर तक दिखता है. 

यह भी पढ़ें: Iodine Deficiency: आयोडीन की कमी से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 4 चीजें

स्टडी में क्या सामने आया? 

शोधकर्ताओं ने बड़ी संख्या में बुजुर्ग लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ो को देखा. इसमें उन लोगों पर ध्यान दिया गया, जो नींद से जुड़ी परेशानी के लिए दवाएं ले रहे थे. स्टडी में पाया गया कि ऐसी दवाएं लेने वाले बुजुर्गों में गिरने का खतरा उन लोगों के मुकाबले ज्यादा था, जो ऐसी दवाएं नहीं ले रहे थे. इसमें नींद की दवाओं के साथ कुछ डिप्रेशन की दवाएं भी शामिल थीं. एक से ज्यादा ऐसी दवाएं लेने वाले लोगों में भी सावधानी की जरूरत ज्यादा बताई गई है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि दवा लेने वाला हर बुजुर्ग  गिरेगा ही. दवा का असर व्यक्ति की उम्र, शरीर और दूसरी दवाओं पर भी निर्भर करता है.

दवा अपनी मर्जी से बंद न करें

अगर कोई बुजुर्ग नींद या डिप्रेशन की दवा ले रहा है तो उसे अपनी मर्जी से दवा बंद नहीं करनी चाहिए. दवा की मात्रा कम या ज्यादा करने का फैसला भी डॉक्टर की सलाह से ही किया जाना चाहिए. परिवार के लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि दवा लेने के बाद बुजुर्ग को चक्कर, ज्यादा नींद या चलने में परेशानी तो नहीं हो रही है. घर में फर्श पर सामान न रखें और रात में बाथरूम जाने के रास्ते में पर्याप्त रोशनी रखें. इससे गिरने की आशंका कम की जा सकती है. नींद की परेशानी के लिए डॉक्टर दवा के अलावा नींद सुधारने के दूसरे तरीके भी बताते हैं जैसे व्यायाम, प्राणायाम ओर भी कई चीजे  .

यह भी पढ़ें: इंसान के शरीर में सूअर की किडनी, इससे कितने दिन बच सकती है जान?

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

निर्जला गौड़ इस वक्त  ABP Live की लाइफस्टाइल डेस्क पर इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में अपनी डिग्री कर रही हैं. इससे पहले वह  EBNW Stories में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप कर चुकी हैं. डिजिटल जर्नलिज्म और कंटेंट क्रिएशन में उनकी खास रुचि है. आसान, आकर्षक और रिलेटेबल अंदाज में कहानियों को पेश करना और पाठकों तक जानकारी को प्रभावी तरीके से पहुंचाना उनकी खासियत है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

सावधान! भारत में हर साल 1.9 लाख लोग इस बड़ी वजह से हो रहे कैंसर के शिकार
सावधान! भारत में हर साल 1.9 लाख लोग इस बड़ी वजह से हो रहे कैंसर के शिकार
शरीर पर दाद सिर्फ स्किन प्रॉब्लम नहीं, हो सकता है स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा!
शरीर पर दाद सिर्फ स्किन प्रॉब्लम नहीं, हो सकता है स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा!
लड़कियों को क्यों निकल आती है मूंछ? इससे हमेशा के लिए छुटकारा कैसे पाएं
लड़कियों को क्यों निकल आती है मूंछ? इससे हमेशा के लिए छुटकारा कैसे पाएं
क्या अनार खाने से सच में बढ़ जाता है टेस्टोस्टेरोन, क्या हैं फायदे?
क्या अनार खाने से सच में बढ़ जाता है टेस्टोस्टेरोन, क्या हैं फायदे?
Advertisement

वीडियोज

Premanand Maharaj के आश्रम का गुमनाम 'शैतान' ! | Sansani
Mountain Traffic: वीकेंड पर पहाड़ों में महाजाम! मनाली से बदरीनाथ तक ट्रैफिक का तांडव
Smit Machchhar | Fly Dubai: कॉकपिट में 'आतंकी पायलट' का 'बड़ा मकसद' क्या था ! | Netanyahu | Oman
Premanand Maharaj: वृंदावन का आश्रम या लापतागंज? | ABP News
Sandeep Chaudhary| SIR Controversy: ‘सत्याग्रह’ से क्या साधेंगे Rahul Gandhi? विश्लेषकों का विश्लेषण
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
फिर संसद मार्ग थाने पहुंचे सौरव दास, बैरिकेड पर चढ़े, कर दी बड़ी मांग
फिर संसद मार्ग थाने पहुंचे सौरव दास, बैरिकेड पर चढ़े, कर दी बड़ी मांग
बिहार कांग्रेस में बड़ा बदलाव, राजेश राठौड़ साइड, अजय पासवान को बड़ी जिम्मेदारी
बिहार कांग्रेस में बड़ा बदलाव, राजेश राठौड़ साइड, अजय पासवान को बड़ी जिम्मेदारी
6 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से पहला ODI खेलेगी टीम इंडिया, हार्दिक पांड्या की जगह खेलेगा ये सूरमा
6 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से पहला ODI खेलेगी टीम इंडिया, हार्दिक पांड्या की जगह खेलेगा ये सूरमा
'भारत में अब पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती', संजय दत्त का बयान वायरल
'भारत में अब पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती', संजय दत्त का बयान वायरल
135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरियट लाइब्रेरी हटाने की तैयारी, SC ने लिया संज्ञान
135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरियट लाइब्रेरी हटाने की तैयारी, SC ने लिया संज्ञान
चुनाव प्रचार में बच्चे के इस्तेमाल का आरोप, उदयनिधि स्टालिन पर केस दर्ज
चुनाव प्रचार में बच्चे के इस्तेमाल का आरोप, उदयनिधि स्टालिन पर केस दर्ज
एक ही पौधे में उगाएं आलू और टमाटर, जानें कैसे होती है ऐसी खेती?
एक ही पौधे में उगाएं आलू और टमाटर, जानें कैसे होती है ऐसी खेती?
घर पर बनाएं कटहल के कोफ्ते की सब्जी, उंगलियां चाट-चाटकर खाएंगे लोग
घर पर बनाएं कटहल के कोफ्ते की सब्जी, उंगलियां चाट-चाटकर खाएंगे लोग
Embed widget