टेनिस स्टारसानिया मिर्जा ने हाल ही में पहली बार अपने तलाक को लेकर खुलकर बात की है. दुनिया की सबसे सफल भारतीय खिलाड़ियों में शामिल सानिया मिर्जा अपनी जिंदगी को लेकर खुलकर कम बातकरतीहै. हालहीमेंउन्होंनेपाकिस्तानीक्रिकेटरशोएबमलिकसेतलाककेबादपहली बार खुलकर बात की है.
सानिया मिर्जा ने अपने नए यूट्यूब टॉक शो, सर्विंग इट अप विद सानिया के पहले एपिसोड में तलाक के बाद आए पैनिक अटैक को लेकर बात की. सानिया के इस शो में उनके करीबी दोस्त फराह खान पहली गेस्ट थीं. सानिया ने अपने यूट्यूब वीडियो में बताया कि कैसे एक सिंगल मदर के रूप में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ी और तलाक के समय उन्होंने मानसिक रूप से कैसा महसूस किया था.
पैनिकअटैक वाले दिन को याद कर भावुक हुई सानिया
टेनिस स्टारसानिया मिर्जा ने कड़े विरोधों और आलोचनाओं के साथ 2010 में पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएबमलिक से शादी की थी. 2018 में उनका एक बेटा हुआ था. हालांकि, सानिया और शोएब का रिश्ता ज्यादा नहीं चला और दोनों ने 2024 की शुरुआत में तलाक ले लिया. तलाक को लेकर शो में बातचीत के दौरान सानिया ने कहा कि तलाक के बाद एक समय ऐसा आया जब वह बिल्कुल टूट चुकी थीं. सानिया ने बताया कि जिस दिन उन्हें पैनिकअटैक आया था, उस दिन उन्हें एक लाइव शो भी करना था. इसे लेकर उन्होंने कहा कि मैं उसे दिन बहुत कांप रही थी, वहीं अगर फराह वहां नहीं आती तो शायद वह शो नहीं कर पाती. इसे लेकर फराह खान ने भी बताया कि उन्होंने सानिया को ऐसी कंडीशन में पहली बार देखा था.
फराह के अनुसार, तलाक के बाद सानिया ने अपने बेटे की परवरिश और करियर दोनों को खुद संभाला है जो बहुत मुश्किल दौर था. वहीं सानिया ने भी माना कि तलाक के बाद एक सिंगलमदर के रूप में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई थी. काम, बेटे की देखभाल और नॉर्मल माहौल बनाए रखने के बीच संतुलन बनाना उनके लिए काफी मुश्किल रहा था. उन्होंने कहा कि उनका बेटा एक नॉर्मलफैमिली स्ट्रक्चर में नहीं बड़ा हो रहा है इसलिए वह हर कदम सोच समझ कर उठाती है.
क्या होता है पैनिकअटैक?
पैनिकअटैक अचानक आने वाली जोर की घबराहट, बेचैनी और डर का दौरा होता है. जिसमें व्यक्ति को ऐसा लगता है कि बहुत कुछ बुरा होने वाला है. वहीं पैनिकअटैकमेंटली और फिजिकली दोनों तरह से असर डालता है. इस दौरान दिल की धड़कन तेज हो जाती है, सांस फूलने लगती है, हाथ पैर कांपने लगते हैं, पसीना आने लगता है, सीने में दर्द होने लगता है, चक्कर आने लगता है और अचानक मौत जैसा डर भी महसूस होने लगता है.
कब खतरनाक हो जाता है पैनिकअटैक?
अगर पैनिकअटैक बार-बार आए और आपकी रोजाना की जिंदगी को प्रभावित करने लगे या हर छोटी बात ट्रिगर बनने लगे तो यह पैनिकडिसऑर्डर का संकेत हो सकता है. ऐसे में आपका पैनिकअटैक और ज्यादा खतरनाक हो सकता है. वहीं पैनिकअटैक खतरनाक होने पर आपके रोजाना के काम पर असर पड़ने लगता है. अकेले रहने में डर लगने लगता है, अवसाद बढ़ जाता है और नींद खराब होने लग जाती है. इसके अलावा बाहर जाने तक में झिझक होने लगती है. इसलिए कई एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लगातार पैनिकअटैक के लक्षण दिखाई देने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
