Coronavirus Omicron: कोरोना की दूसरी लहर के दौरान रेमडेसिवीर (Remdesivir) के जरिए कई लोगों की जान बचाई गई थी. वहीं अब एक और नए शोध के अनुसार, रेमडेसिवीर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों में मैकेनिकल वेंटिलेशन की आवश्यकता को भी कम कर दिया है.
कनाडा के प्रमुख मेडिकल जर्नल 'कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल' में 'कैनेडियन ट्रीटमेंट्स फॉर कोविड-19 (CATCO)' शीर्षक से एक अध्ययन प्रकाशित किया गया था. बता दें कि यह अध्ययन वैश्विक विश्व स्वास्थ्य संगठन सॉलिडैरिटी ट्रायल का एक कनाडाई इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ रिसर्च-फंडेड उप-अध्ययन था, जिसमें कोविड-19 के लिए विभिन्न उपचारों के प्रभावों की जांच की गई थी.
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अब बात करते हैं CATCO परीक्षण की, जिसमें कनाडा के 52 अस्पताल शामिल थे. दरअसल, कनाडाई शोधकर्ताओं ने 14 अगस्त 2020 और 1 अप्रैल 2021 के बीच कोविड-19 के साथ अस्पताल में भर्ती मरीजों पर इस्तेमाल हुए रेमडेसिवीर के प्रभाव का अध्ययन किया. इसमें 1282 मरीज शामिल थे, जिनमें से लगभग आधे को रेमडेसिवीर के साथ ट्रीटमेंट दिया गया और बाकी को स्टैंडर्ड केयर के साथ कंट्रोल ग्रुप में शामिल किया गया था. ऐसे में कोविड-19 वाले लोगों में रेमडेसिवीर और एंटीवायरल दवा के कारण जो भी प्रभाव पड़ा था, उसके लिए एविडेंस मिक्स किये गए थे.
ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय और सनीब्रुक स्वास्थ्य विज्ञान केंद्र के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में कनाडाई परीक्षण में पाया गया कि अध्ययन की शुरुआत में मैकेनिकल वेंटिलेशन जिन रोगियों को नहीं मिला. उनमें 8 प्रतिशत अन्य रोगियों की तुलना में मैकेनिकल वेंटिलेशन की आवश्यकता उत्पन्न हुई. वहीं, रेमडेसिवीर से इलाज करने वाले मरीज अपनी एक स्टैंडर्ड देखभाल के कारण ही जल्दी ऑक्सीजन और वेंटिलेटर से बाहर आने में सक्षम थे. कैटको परीक्षण कुछ अन्य देशों की तुलना में अधिक विस्तृत डेटा एकत्र करने में काफी सक्षम था.
इन परिणामों ने बड़े वैश्विक परीक्षण को भी जोड़ा कि कैसे अन्य देशों में रेमडेसिवीर का उपयोग किया जा सकता है. लेखकों ने निष्कर्ष निकाला, "CATCO के निष्कर्ष भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे निम्न, मध्यम और उच्च आय वाले देशों के अस्पतालों की एक विस्तृत श्रृंखला में किए गए सबसे सरल प्रोटोकॉल की सामान्यता के प्रश्नों को हल करने में मदद करते हैं."
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
