नई दिल्ली: देश में कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह और फेफड़ों की बीमारियों जैसे रोगों से होने वाली मौतों के मामले 70% तक बढ़ गए हैं. यह आंकड़ा तीन साल पहले 42% था. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मुताबिक, देश में इन रोगों के चलते, प्रति चार में से एक व्यक्ति को 70 साल की उम्र तक पहुंचने से पहले ही मृत्यु का खतरा बना रहता है. नॉन कम्यूनिकेबल डिजीज़ (एनसीडी) एक ऐसी मेडिकल कंडीशन या बीमारी है, जो लोगों के बीच किसी इंफेक्शन से नहीं फैलती. नॉन कम्यूनिकेबल डिजीज़ यानि असंक्रामक रोग कई कारणों से होते हैं जैसे- अनहेल्दी डायट, फीजिकल एक्टिविटी कम होना, तंबाकू और शराब का सेवन अधिक करना. क्या कहते हैं एक्सपर्ट- आईएमए के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल का कहना है कि अंधाधुंध शहरीकरण, अनहेल्दीक लाइफस्टाइल और लोगों की उम्र बढ़ते जाने जैसे कारणों से ऐसे रोग निरंतर बढ़ रहे हैं. अनहेल्दी फूड के अलावा लोग फीजिकल एक्टिविटी को भी नजरअंदाज करते हैं. इससे हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है और फिर डायबिटीज और ब्लड लिपिड बढ़ने से मोटापा शुरू हो जाता है. उन्होंने कहा कि ये मेटाबॉलिक जोखिम वाले कारक कहलाते हैं, जो आगे चल कर हृदय डिजीज़ और समय से पहले मृत्यु की वजह बन सकते हैं. जोखिम वाले कारकों को नियंत्रित करके एनसीडी की समस्या पर काबू पाया जा सकता है. असंक्रामक रोगों से बचने के उपाय-
- तंबाकू और धुएं में कम रहकर.
- आहार में नमक की खपत को कम करना होगा.
- शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाना होगा.
- फास्टिंग शुगर को 80 मिलीग्राम से कम रखें.
- शराब लेने से बचें.
- भोजन में 80 ग्राम से अधिक कैलोरी नहीं होनी चाहिए.
- एक बार में शीतल पेय की मात्रा 80 मिली तक सीमित करें.
- तंबाकू उत्पादों का उपभोग न करें.
- रक्तचाप 80 एमजीएच एचजी और हृदय की दर 80 प्रति मिनट से कम रखें.
- सप्ताह में 80 मिनट के लिए एरोबिक व्यायाम करें.
- हफ्ते में 80 मिनट के लिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें.
- सप्ताह में कम से कम 80 बार फलों और सब्जियों का सेवन करें.
- सप्ताह में 80 मिली से ज्यादा घी, तेल और मक्खन का उपभोग न करें.
नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.