MusicTherapyforSeniors:आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हर कोई चाहता है कि उसका दिमाग लंबे समय तक एक्टिव और सेहतमंद बना रहे. हाल ही में कनाडा और चीन के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी स्टडी की है जिसमें सामने आया कि संगीत का अभ्यास करने से उम्र बढ़ने के बाद भी दिमाग बूढ़ा नहीं होता.

स्टडी में पाया गया कि जो लोग लंबे समय से संगीत बजाना सीखते और उसका अभ्यास करते रहे हैं, उनका दिमाग उम्र बढ़ने के बावजूद भी जवान दिमाग की तरह काम करता है. संगीत सीखने और बजाने से दिमाग में एक तरह का "कॉग्निटिव रिजर्व" यानी बैकअपसिस्टम बन जाता है, जो दिमाग को तेज बनाए रखता है.

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शोरगुल में भी बेहतर सुन पाते हैं संगीत सीखने वाले

रिसर्च में देखा गया कि बुजुर्ग संगीतकार (औसतन 65 साल की उम्र वाले) उन बुजुर्गों से बेहतर थे, जिन्होंने कभी संगीत का अभ्यास नहीं किया. खासकर, शोरगुल वाले माहौल में बातचीत को समझने में संगीतकार ज्यादा सफल रहे. यह क्षमता उनके दिमाग की मज़बूतकनेक्टिविटी और तेज प्रोसेसिंग के कारण थी.

कम मेहनत करता है दिमाग

आम तौर पर उम्र बढ़ने पर दिमाग को काम करने के लिए ज्यादा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, लेकिन शोध में पाया गया कि संगीत सीखने वाले बुजुर्गों का दिमाग कम ऊर्जा में ही बेहतर काम करता है. यानी उनका दिमाग ज्यादा थकता नहीं है. चीनी एकेडमी ऑफ साइंसेज की डॉ. यीडू ने कहा कि, जैसे एक अच्छे से ट्यून किया हुआ गानातेज बजाने की जरूरत नहीं होती, वैसे ही संगीत सीखने वाले बुजुर्गों का दिमाग भी बारीक और सटीक तरीके से काम करता है.

रिसर्च कैसे हुई?

स्टडी में 25 बुजुर्ग संगीतकारों को शामिल किया गया, जिन्होंने कम से कम 32 साल तक कोई न कोई चीज बजाई थी. इसी तरह 25 बुजुर्ग गैर-संगीतकारऔर करीब दो दर्जन युवा गैर-संगीतकारों को भी शामिल किया गया. सभी प्रतिभागी शारीरिक रूप से स्वस्थ, दाएं हाथ से काम करने वाले और सामान्य सुनने की क्षमता वाले थे. प्रयोग में उन्हें कुछ ध्वनियां और बैकग्राउंड शोर के बीच सुनाई गईं और उनके दिमाग की गतिविधि मशीन से रिकॉर्ड की गई. नतीजा यह निकला कि बुजुर्ग संगीतकार ध्वनियों को पहचानने में बेहतर साबित हुए.

युवाओं जैसी ब्रेनएक्टिविटी

रिसर्च से यह भी पता चला कि संगीतकार बुजुर्गों का दिमाग युवाओं की तरह काम करता है. उनके दिमाग के वे हिस्से, जो सुनने, बोलने और शरीर की मूवमेंट को नियंत्रित करते हैं, आपस में मजबूत तरीके से जुड़े रहते हैं. इससे वे शोर में भी शब्दों को अलग-अलग पहचान पाते हैं.

डिमेंशिया से बचाव में मददगार

विशेषज्ञों का मानना है कि, इस स्टडी से भविष्य में डिमेंशिया जैसी बीमारियों को रोकने के नए तरीके खोजे जा सकते हैं. अगर बुजुर्गों को संगीत सीखने और अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया जाए तो उनकी मानसिक क्षमता लंबे समय तक सुरक्षित रह सकती है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.