Why Eating Every Two Hours May Not Be Healthy: कई सालों तक लोगों को यह बताया गया कि हर दो-तीन घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाना फिट रहने, वजन कंट्रोल करने और पूरे दिन एनर्जी बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है. ऑफिस जाने वाले लोग अपने साथ स्नैक बॉक्स लेकर चलते थे, जिम करने वाले लोग मीटिंग्स के बीच प्रोटीन बार खाते थे और धीरे-धीरे हेल्दी स्नैकिंग एक लाइफस्टाइल बन गई. माना जाता था कि अगर शरीर को लगातार थोड़ी-थोड़ी ऊर्जा मिलती रहेगी, तो मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहेगा और वजन बढ़ने का खतरा कम होगा.

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क्या बार- बार खाना सच में फायदेमंद?

लेकिन अब न्यूट्रिशन साइंस इस आदत को नए नजरिए से देख रही है. एक्सपर्ट का कहना है कि बार-बार खाना हमेशा शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होता, खासकर तब जब लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि दिनभर में कुल कितनी कैलोरी ले रहे हैं. समस्या सिर्फ खाने की फ्रीक्वेंसी नहीं, बल्कि उन चीजों की भी है जो लोग स्नैकिंग के दौरान खाते हैं. पैकेज्ड स्नैक्स, बिस्किट, मीठी ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड अब लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुके हैं. 

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क्या लगातार खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है?

डीटी पारुल यादव, चीफ डाइटीशियन, मरेंगो एशिया हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम के अनुसार, पहले माना जाता था कि छोटे-छोटे मील बार-बार खाने से वजन कम करने और एनर्जी बनाए रखने में मदद मिलती है, लेकिन नई रिसर्च यह संकेत दे रही है कि लगातार खाते रहना शरीर के लिए उतना अच्छा नहीं हो सकता जितना पहले समझा जाता था. 

हेल्दी खाने के बाद भी क्यों बढ़ता है वजन?

एक्सपर्ट का कहना है कि बार-बार खाने से बिना एहसास के कैलोरी तेजी से बढ़ सकती है. चाय के साथ बिस्किट, काम के दौरान चिप्स, शाम की कॉफी या जिम के बाद प्रोटीन बार भले ही पूरा खाना न लगे, लेकिन दिनभर में ये सैकड़ों अतिरिक्त कैलोरी जोड़ देते हैं. यही वजह है कि कई लोग हेल्दी खाने की कोशिश के बावजूद वजन बढ़ने की शिकायत करते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि कि लगातार कुछ न कुछ खाते रहने से लोग असली भूख और आदत में फर्क करना भूल जाते हैं. कई बार लोग भूख की वजह से नहीं, बल्कि बोरियत, तनाव या सिर्फ आदत के कारण खाते रहते हैं.

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हमारे शरीर पर क्या होता है असर?

इसका असर शरीर में इंसुलिन लेवल पर भी पड़ता है. जब भी हम खाना खाते हैं, खासकर मीठी या रिफाइंड चीजें, तब ब्लड शुगर बढ़ता है और शरीर इंसुलिन रिलीज करता है. अगर पूरे दिन बार-बार खाना खाया जाए, तो इंसुलिन लगातार ऊंचा बना रह सकता है. रिसर्च के मुताबिक लंबे समय तक ऐसा होने से शरीर की फैट बर्न करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ सकता है. एक्सपर्ट यह भी मानते हैं कि पाचन तंत्र को भी आराम की जरूरत होती है. लगातार खाना खाने से ब्लोटिंग, भारीपन और भूख कम लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसके बजाय प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट से भरपूर संतुलित भोजन ज्यादा देर तक पेट भरा रखने में मदद करता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.