माले: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया खसरे के खिलाफ अपनी लड़ाई में बहुत पीछे हैं और दक्षिण-पूर्व एशिया में जिन बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उनमें 90 फीसदी से ज्यादा बच्चे इन्हीं दोनों देशों के हैं.
डब्ल्यूएचओ ने इस बात पर जोर दिया कि गलतफहमियों और गलत सूचनाओं के कारण इन देशों में टीकाकरण अभियान में बाधा आई है.
डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के मुताबिक, 2016 में भारत में 31 लाख और इंडोनेशिया में 11 लाख बच्चों को खसरे का टीका नहीं लगाया गया. क्षेत्र में टीके से वंचित कुल बच्चों की संख्या में करीब 91 प्रतिशत बच्चे भारत और इंडोनेशिया में हैं. अकेले भारत में 67 फीसदी बच्चे टीके से वंचित हैं.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने हालात पर चिंता जताई है, क्योंकि खसरे से अब भी दुनिया भर में हर साल करीब 134,200 बच्चे जान गंवाते हैं, इनमें दक्षिण-पूर्व एशिया में 54,500 से ज्यादा बच्चे मौत के शिकार होते हैं.
