नई दिल्लीः 10 और 12वीं क्लास के CBSE रिजल्ट्स आने वाले हैं. बच्चों को अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है. लेकिन इसी के बीच कुछ बच्चे एग्ज़ाम रिजल्ट का बहुत ज्यादा स्ट्रेस ले लेते हैं तो कुछ बच्चों को एंजाइटी हो जाती है. इतना ही नहीं, बच्चों के साथ-साथ पेरेंट्स भी स्ट्रेस लेने लगते हैं. कुछ बच्चे तो रिजल्ट आने के खौफ से बीमार तक पड़ जाते हैं. लेकिन आप अपने नतीजों को लेकर परेशान ना हो. हम आपको बता रहे हैं कैसे एग्ज़ाम रिजल्ट की एंजाइटी और स्ट्रेस को हैंडल करें.
रिजल्ट कैसे आपको करता है इफेक्ट– आप रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं या फिर रिजल्ट आ चुका है, दोनों ही तरह से
- एग्जाम रिजल्ट इफेक्ट कर सकता है-
- निराशा और डिप्रेशन
- स्ट्रेस और एंजाइटी
- हैप्पीनेस और एक्साइटमेंट
- गिल्टी, कन्फ्यूज़न और सैडनेस
- बीमार महसूस होना
- सुन्न होना या सदमा लगाना
- गुस्सा आना, शांत हो जाना
एग्ज़ाम स्ट्रेस और एंजाइटी के सिम्टम्स-
- नींद उड़ जाती है.
- थकान होने लगती है.
- चीजें अचानक भूलने लगते हैं.
- बॉडी में दर्द होने लगता है.
- भूख कम लगने लगती है.
- एक्टिविटीज में इंटरेस्ट कम हो जाता है.
- इरिटेशन यानि चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है.
- हार्ट रेट बढ़ जाता है.
- हल्का सिरदर्द होने लगता है.
- चक्कर आने जैसी स्थिति हो सकती है.
- धुंधलापन दिखाई देने लगता है.
आपके लिए ये चीजें कारगर होंगी अगर आप –
- रिजल्ट का तसल्ली से इंतजार करें.
- एग्ज़ाम के दौरान जो गलतियां आपसे हुईं थी उनको लेकर स्ट्रेस ना लें.
- किसी और के रिजल्ट अच्छा आना या बुरा आने का कंपेयर ना करें.
- अपने एग्ज़ाम की एक्सपेक्टेशन बहुत हाई सेट ना करें.
- अपने एग्ज़ाम रिजल्ट प्रेशर को आराम से डील करें.
एग्ज़ाम रिजल्ट के प्रेशर को यूं करें खत्म–
- आप एग्ज़ाम रिजल्ट का प्रेशर कम करने के लिए उस खास व्यक्ति से बात कर सकते हैं जिसे आप अपना मेंटर समझते हैं या मानते हैं. वो आपका फ्रेंड और कांउसलर दोनों ही हो सकते हैं.
- अपनी एक्सपेक्टेशन सेट करें और रिजल्ट उससे कम या ज्यादा आता है तो विचार करें कि कहा कमी रही या कहा अच्छा किया.
- इमेजिनेशन में ना जीएं और रीयल वर्ल्ड में रहकर सोचें.
- रिजल्ट के अच्छे और बुरे दोनों पहलूओं के बारे में सोचकर अपने फ्यूचर की कुछ प्लानिंग उसी हिसाब से करें.
- रिजल्टस की एंजाइटी से बचने के लिए अपने फेवरेट गेम या हॉबीज में खुद को बिजी करें.
- आपको लिखने-पढ़ने का शौक है तो अपनी फीलिंग्स के बारे में डायरी में लिखें.
- तनाव में एल्कोहल, ड्रग्स या धूम्रपान का सेवन ना करें. इससे आपका स्ट्रेस बढ़ सकता है.
- इस बात का ध्यान रखें कि आपका रिजल्ट सिर्फ मार्क्स हैं. इसमें शक नहीं कि कुछ हद तक इस पर आपका फ्यूचर भी निर्भर करता है लेकिन आपके पास और ऑप्शंस की कमी नहीं है.
- ये सही समय है अपनी वीकनेस और स्ट्रेंथ को पहचानने का. आप अपनी गलतियों का एक्सेप्ट करें और उनसे सीखें.
एक्सरसाइज एंड फूड-
- यूं तो एग्ज़ाम एंजाइटी और स्ट्रेस के समय खाने-पीने और वर्कआउट की सुध नहीं रहती लेकिन आप ये गलती ना करें. आप प्रोपर हेल्दी डायट लें. लाइट फूड खाएं जो आसानी से पच जाए. फाइबर युक्त फूड, फ्रूट्स, वेजिटेब्लस, सूप और जूस जैसी चीजों का सेवन अधिक करें.
- आप चाहे तो बैक मसाज या बॉडी मसाज भी ले सकते हैं.
- जॉग करें, जंपिंग करें या फिर स्विमिंग भी कर सकते हैं. दरअसल, फीजिकल एक्टिविटी एंजाइटी खत्म करता है और
- स्ट्रेस कम करता है. ध्यान रहें, ऐसी एक्सरसाइज करें जिससे थकान मिटे ना कि बढ़ें. फोकस करें. इन सब चीजों से आपमें एनर्जी आएगी और एग्ज़ाम रिजल्ट को आप आसानी से एक्सेप्ट कर पाएंगे.
पेरेंट्स के लिए टिप्स-
- बच्चों से बहुत हाई एक्सपेक्टेशन सेट ना करें. ध्यान रहें, हर बच्चा ऑल राउडर नहीं होता और ना ही हर बच्चा फर्स्ट, सेकेंड रैंक ला सकता.
- रिजल्ट खराब आने के बाद बच्चों को दूसरे बच्चों से कंपेयर ना करें.
- बच्चों के इंटरेस्ट को समझें.
- बच्चों के सामने अपना स्ट्रेस ना जाहिर करें.
- बच्चों को बिना वजह कुछ भी ना सुनाएं.
- रिजल्ट के दौरान बच्चों को बिना कोई कंडीशन लगाए सपोर्ट करें.
- बच्चों के बदलते बिहेवियर पर गौर करें. अगर बच्चा अकेला कहीं जाना चाह रहा है या कमरे में अकेला बंद होना चाह रहा है तो उसे ऐसा ना करने दें.
- बच्चों से पॉजिटिव बातें और उन्हें अच्छे रिजल्ट के लिए कोई भी अतिरिक्त प्रलोभन ला दें.
- बच्चों से उनके इंटरेस्ट के बारे में बात करें.
- बच्चों की आलोचना या बच्चों के बारे में बातें किसी तीसरे व्यक्ति से उस समय तो बिल्कुल ना करें जब बच्चा आपके आसपास बैठा हो.
- बच्चों के खराब रिजल्ट पर ओवर रिएक्ट ना करें.
- बच्चा अगर रिजल्ट की टेंशन नहीं ले रहा तो उसको चिंता करने के लिए प्रेशर ना बनाएं.
नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.