नई दिल्लीः क्या आप भी फिट रहने के लिए स्विमिंग करते हैं? क्या आपको भी स्विमिंग करने का शौक है? तो सावधान! स्विमिंग करने का शौक कहीं आपके लिए महंगा ना पड़ जाए. जी हां, आप भी पढ़कर चौक गए ना. जानिए, क्या है पूरा माजरा. क्या है रिसर्च- हाल ही में एक रिसर्च आई है जिसमें बताया गया है कि स्विमिंग पूल में कितना यूरिन होता है. कनाडा के शोधकर्ताओं ने एक रिसर्च की जिसमें जाना गया कि स्विमिंग पूल में यूरिन का कितना लेवल होता है. किसने की रिसर्च- कनाडा की एलबर्ट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यूरिन के लेवल को मापने के लिए एक टेस्ट किया जिसमें उन्होंने कनाडा के 2 शहरों के 31 पूलों में से 250 सैम्पल लिए और इस टेस्ट के मुताबिक स्विमिंग पूल में 75 लीटर यूरिन पाया गया है. रिसर्च का मकसद- ये रिपोर्ट एन्वायरमेंटल साइंस एंड टेक्नोललॉजी जर्नल में पब्लिश की गई. इस रिपोर्ट को करने का मकसद ये जानना था कि आखिर 2016 में रियो ओलंपिक के दौरान एक रात में पूल के पानी का रंग बदलने और पानी की क्वॉलटी में गिरावट कैसे आई. हेल्थ पर पड़ता है बुरा असर- हालांकि स्विमिंग पूल में यूरिन का पाया जाना तैराकों कि हेल्थ के लिए एक गंभीर विषय है क्योंकि यूरिन पूल में पाये जाने वाले कैमिक्लस के साथ मिलकर सीधेतौर पर हमारी हेल्थ को नुकसान पहुँचा रहा है. कैसे की गई रिसर्च- शोधकर्ताओं ने रिसर्च को करने के लिए एक आर्टिफिशियल स्वीटनर (acesulfame-K (ACE)) का इस्तेमाल किया जो एक आइडियल यूरिनरी मार्कर है. ये सीधा बॉडी के अंदर गया फिर इसके परिणाम देखे गए. रिसर्च के दौरान दो पूल्स में तीन हफ्तों तक यूरिन का लेवल मापा गया. फिलहाल इस पर अभी और रिसर्च जारी है लेकिन इतना तय है कि स्विमिंग पूल्स में यूरिन का पाया जाना हेल्थ के लिए बेहद नुकसान दायक है.