BreastMilkPumpingTips:बच्चे के लिए मां का दूध सबसे ज्यादा जरूरी होता है.क्योंकि उसके विकास और बीमारियों से बचाने के लिए अहम होता है. लेकिन कभी-कभी मां हर वक्त शिशु को स्तनपान नहीं करा सकती, खासकर कामकाजी महिलाओं के लिए यह एक बड़ी चुनौती होती है.
दरअसल, ब्रेस्टमिल्कपंप करना एक अहम विकल्प बन जाता है. सवाल यह उठता है कि, एक दिन में कितनी बार और कितना दूध पंप करना सुरक्षित होता है? क्या जरूरतसेज्यादा पंपिंग से कोई दिक्कत हो सकती है? डॉ. सगुफ्तापरवीनकहती हैं कि, ब्रेस्टमिल्कपंपिंग समझदारी और सही समय के अनुसार करना जरूरी है. अगर इसे सही तरीके से न किया जाए, तो यह फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकता है.
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एक दिन में कितनी बार करें ब्रेस्टमिल्कपंपिंग?
अगर मां शिशु को डायरेक्टस्तनपान नहीं करा रही है तो हर 2 घंटे में दूध पंप करना चाहिए, यानी दिनभर में लगभग 8 बार करवा सकती हैं. इससे ब्रेस्ट में फुलनेस या जकड़न नहीं होती.वर्किंगमॉम्सया वे महिलाएं जो फुल टाइम ब्रेस्टफीडिंग नहीं करा पातीं, उनके लिए दिन में कम से कम 6 बार पंपिंग जरूरी मानी जाती है.
एक बार में कितना दूध निकले तो सही है?
- हर महिला की शारीरिक बनावट और दूध उत्पादन की क्षमता अलग होती है
- पहले हफ्तों में लगभग 30-60 मिलीलीटर दूध निकल सकता है
- कुछ दिनों बाद इसकी मात्रा बढ़कर 120 मिलीलीटर हो सकती है
- महत्वपूर्ण यह नहीं कि कितना निकल रहा है, बल्कि यह है कि पंपिंग नियमित और आरामदायक हो
क्या ज्यादापंप करने से कोई दिक्कत हो सकती है?
- अगर आप बार-बार या जरूरत से ज्यादापंपिंग करती हैं, तो कुछ समस्याएं हो सकती हैं
- निप्पल में दर्द या सूजन
- दूध के ओवरप्रोडक्शन से ब्रेस्ट में भारीपन और लीक होना
- फटी या खुरदरी त्वचा
- कभी-कभी दूध उत्पादन कम भी हो सकता है, क्योंकि शरीर भ्रम में आ जाता है
पंपिंग के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
- हमेशा साफ और स्टरलाइज्डपंप का ही इस्तेमाल करें
- आरामदायक मुद्रा में बैठें
- तनाव मुक्त माहौल में पंपिंग करें
- दूध को निकालने के तुरंत बाद ठंडी जगह या फ्रिजमेंस्टोरकरें
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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
