Old Pressure Cooker Risk: प्रेशरकुकर जिसमें आप रोजाना स्वादिष्ट दाल, चावल या सब्ज़ी बनाते हैं, वही धीरे-धीरे आपके शरीर में जहर घोल रहा हो. पुराने प्रेशरकुकर से निकलने वाला एल्युमिनियम धीरे-धीरे आपके खून, हड्डियों और दिमाग़ में जमा हो सकता है. शुरुआत में ये असर नजर नहीं आता, लेकिन समय के साथ थकान, याददाश्त की समस्या और मूड में बदलाव जैसे लक्षण सामने आने लगते हैं.
10 साल के बाद बदलना जरूरी
ऑर्थोपेडिक डॉक्टर डॉ. मननवोरा का कहना है कि, अगर आपका प्रेशरकुकर 10 साल से ज्यादा पुराना है तो इसे तुरंत बदल देना चाहिए. बच्चों के लिए तो यह और भी खतरनाक हो सकता है, क्योंकि लगातार लेड का असर उनके दिमाग़ की ग्रोथ को धीमा कर सकता है और आईक्यूकम कर सकता है.
ये भी पढ़े- क्या है जापान की माचा टी, जिससे कम हो जाता है कैंसर का खतरा; रिसर्च में दावा
कैसे पहचानें- कुकर बदलने का समय आ गया है?
- कुकर के अंदर खरोंच या काले धब्बे दिखाई दें
- ढक्कन या सीटी ढीली हो गई हो
- खाने से ताजगी की बजाय धातु जैसी गंध आने लगे
- अगर आपके कुकर में ये लक्षण दिख रहे हैं, तो यह स्पष्ट संकेत है कि अब नया कुकर लेने का समय आ गया है
लेड शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है?
- इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनीकेतमुळे के अनुसार, पुराने प्रेशरकुकर के अंदरूनी हिस्सों से धातुएं जैसे लेड और एल्युमिनियम खाने में मिल सकती हैं.
- बड़ों पर असर: लगातार संपर्क से थकान, चिड़चिड़ापन, याददाश्त की समस्या, मूड में बदलाव, ब्लड प्रेशरकी गड़बड़ी और किडनी पर असर हो सकता है.
- बच्चों पर असर: दिमाग़ की ग्रोथ धीमी होना, आईक्यू में कमी, सीखने और व्यवहार संबंधी समस्याएं.
- सबसे बड़ी समस्या यह है कि लेड शरीर से आसानी से बाहर नहीं निकलता, बल्कि सालों तक खून और हड्डियों में जमा रहता है.
क्या हर पुराना कुकर खतरनाक होता है?
हर पुराने कुकर से निकलने वाली धातु की मात्रा ज़्यादा नहीं होती। कई मामलों में स्तर इतना कम होता है कि जहर जैसा असर तुरंत नहीं दिखता. लेकिन लंबे समय तक थोड़ी-थोड़ी मात्रा भी शरीर में इकट्ठा होकर नुकसान कर सकती है, खासकर बच्चों में, इसलिए जैसे ही कुकर पुराना होने लगे या उसके अंदर निशान दिखने लगें, तो सावधानी बरतते हुए उसे बदल देना ही बेहतर है.
इसे भी पढ़ें- अदरक खाने से सिर्फ फायदा ही नहीं होता, नुकसान भी पहुंचाती है यह चीज! जान लें हर बात
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
