BrainHemorrhageSurvivalTime:जिंदगी में कई बार एक पल सबकुछ बदल देता है. एक हंसता-खेलता इंसान अचानक बेहोश हो जाता है और जब तक लोग समझ पाते हैं, तब तक देर हो चुकीहोती है. ऐसे ही चुपचाप जान लेने वाली एक खतरनाक स्थिति है, ब्रेनहैमरेज. ब्रेनहैमरेज न कोई चेतावनी देता है, न कोई मौका. यह सीधा दिमाग पर हमला करता है और वक्त के साथ सबकुछ खराब कर देता है. एक मिनट की देरी, जिंदगी और मौत का फासला तय कर सकती है. यही वजह है कि, जब भी ब्रेनहैमरेज की आशंका हो तो तुरंत सही कदम उठाना जरूरी हो जाता है.
अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि, "अगर किसी को ब्रेनहैमरेज हो जाए तो वह कितनी देर तक जिंदा रह सकता है?" क्या अस्पताल पहुंचने का गोल्डन टाइम होता है और सबसे जरूरी, ऐसी स्थिति में हमें क्या करना चाहिए? इस पर अहम जानकारी देते हुए डॉक्टर मनीश बता रहे हैं कि किस परिस्थिति में जान बचाई जा सकती है और कब खतरा बढ़ जाता है.
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कितनी देर तक जिंदा रह सकता है मरीज?
डॉ. मनीश के अनुसार, ब्रेनहैमरेज के बाद पहले एक से तीन घंटे सबसे नाजुक होते हैं. अगर इस समय इलाज शुरू न हो तो जान बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है. कुछ मामलों में मरीज 24 से 48 घंटे तक जीवित रह सकता है, लेकिन ब्रेनडैमेज की संभावना काफी बढ़ जाती है. हर मिनट के साथ मस्तिष्क के हिस्से क्षतिग्रस्त होते जाते हैं. यही कारण है कि, पहले एक घंटे को जीवन रक्षक समय कहा जाता है.
सबसे पहले क्या करें?
- इमरजेंसी सेवा को तुरंत कॉल करें, 108 या नजदीकी अस्पताल का नंबर डायल करें
- व्यक्ति को सीधा लिटाएं, सिर को थोड़ा ऊंचा रखें
- मुंह में कुछ न डालें, न पानी और न ही दवा
- सांस की जांच करें, अगर नहीं ले रहा हो तो CPR जानने वाला व्यक्ति शुरू करें
- तेजी से अस्पताल पहुंचाएं, खासतौर पर न्यूरोलॉजीफैसिलिटी वाले हॉस्पिटल में लेकर जाएं
- हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें, धूम्रपान व शराब से दूर रहें, और नियमित हेल्थचेकअप करवाएं. ये छोटे कदम आपको या आपके प्रियजनों को बड़े खतरे से बचा सकते हैं.
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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
