ऑस्कर विनर ऐक्टर जीन हैकमेन और उनकी पत्नी और बेटी बेटसी अराकाव की मौत हंता वायरस के कारण हो गई है. न्यू मैक्सिकों के ऑफिसर ने शुक्रवार के दिन इस बात की पुष्टी की. इन दिनों पूरी दुनिया में हंत वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है. हंता वायरस रोडेन्ट (चूहे की प्रजाति) के मल या टॉयलेट के कॉन्टैक्ट में आने से तेजी से फैलता है. इसका कोई खास इलाज नहीं है लेकिन अगर आप वक्त रहते मेडिकल इमरजेंसी की हेल्प लेते हैं तो आप जल्दी ठीक हो सकते हैं. 

इस इंफेक्शन के साथ सबसे बड़ी दिक्कत की बात यह होती है कि शुरुआत में इसके लक्षण एकदम फ्लू जैसे होते हैं. लेकिन एक वक्त के बाद यह इतना तेजी से फैलता है कि आपकी इससे मौत भी हो सकती है. इसके शुरुआती लक्षण शरीर में दर्द, सिर में गंभीर दर्द  के साथ-साथ ज्वाइंट्स पेन भी हो सकते हैं. 

पहली बार इंसानों की मौतों का अलग पैटर्न देखने को मिला 

यह बीमारी इतनी गंभीर होती है कि इसकी शुरुआत फेफड़ों में इंफेक्शन के साथ शुरू होती है. इसी कारण इसे ‘हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम' कहा जाता है. अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्रों ने 1993 में फोर कॉर्नर क्षेत्र में इस संक्रमण को रोकने के लिए इस पर खास नजर रखना शुरू कर दिया .फोर कॉर्नर क्षेत्र में एरिजोना, कोलोराडो, न्यू मैक्सिको और यूटा आते हैं.

सालों से इस बीमारी के ऊपर रिसर्च जारी है और रोगियों की मदद में जुटीं न्यू मैक्सिको स्वास्थ्य विज्ञान केंद्र की पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. मिशेल हार्किंस ने कहा, यह भारतीय स्वास्थ्य सेवा के एक विद्वान चिकित्सक थे जिन्होंने पहली बार इंसानों की मौतों के अलग पैटर्न को देखा. सबसे हैरानी की बात यह थी कि वह एकदम स्वस्थ्य थे उन्हें कोई दिक्कत नहीं थी. लेकिन दिल का दौरा पड़ने के बाद वह हॉस्पिटव पहुंच रहे थे. 

कब इस बीमारी के लक्षण दिखते हैं? 

इस बीमारी के साथ सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके लक्षण 1-8 सप्ताह बाद शरीर पर दिखाई देते हैं. शुरुआत में थकान, बुखार और मांसपेशियों में गंभीर दर्द होती है. 

हंता वायरस के लक्षण

सीडीसी के मुताबिक जैसे-जैसी बीमारी अपने चरम पर बढ़ती है उसके शुरुआती लक्षण होते हैं खांसी, सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों में पानी भरने के कारण सीने में जकड़न जैसी परेशानियां होती है. सीडीसी के मुताबिक बीमारी से सांस की नली में गंभीर इंफेक्शन होने लगते हैं. लगभग एक तिहाई लोगों की मौत हो सकती है.

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सीडीसी ने बताया कि रोगाणु से बचने का सबसे अच्छा तरीका रोडेन्ट और उनके मल के कॉन्टैक्ट में न आए. रोडेन्ट के मल को साफ करने के लिए कुछ खास ट्रिकस को अपनाएं. सबसे पहले साफ करने के लिए ब्लीच के घोल का इस्तेमाल करें. झाड़ू लगाने या वैक्यूम करने से सावधान करते हैं क्योंकि इससे वायरस हवा में फैल सकता है.

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