आज के समय में 6-8 पैक एब्स को अच्छे शरीर का पैमाना सा बन गया है. सुबह हो या शाम लोग जिम में इन दिनों खूब पसीना बहा रहे हैं. इसके लिए आज की यंग जेनरेशन एक्सरसाइज, काफी ज्यादा प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल, कई बार तो ऐसा देखा गया कि लोग जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज कर रहे हैं. जितनी शरीर को जरूरत भी नहीं है. भारत के नौजवान चाहे लड़का हो या लड़की, पुरुष हो या महिलाएं पहले के मुकाबले काफी ज्यादा दिल से जुड़ी बीमारी का शिकार हो रहे हैं. पश्चिमी देशों की तुलना में भारतीए 10 साल पहले दिल की बीमारी का शिकार होते हैं.

भारत के लोगों को दिल की बीमारी के पीछे का सबसे बड़ा कारण उनकी ब्लड सर्कुलेशन की नसों का आकार छोटा होता है.दिल की बीमारी से जुड़ी एक मिथ इन दिनों काफी ज्यादा सुर्खियों में रहती है. वह यह कि जो लोग बिल्कुल फिट होते हैं उन्हें हार्ट अटैक का खतरा बिल्कुल भी नहीं रहता है. पूरी तरह से स्वस्थ लोग भी दिल के दौरे का अनुभव कर सकते हैं. क्योंकि जेनेटिक, कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होना और हाई बीपी के मरीज को दिल की बीमारी का खतरा रहता है. 

एक्सरसाइज करने से बीमारी कंट्रोल में रहता है खत्म नहीं होता

एक हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए डॉक्टर हमेशा रोजाना एक्सरसाइज, हेल्दी डाइट और धूम्रपान से परहेज करने की सलाह देते हैं. दिल की बीमारी और दिल के दौरे के जोखिम को काफी कम करती है, लेकिन क्या यह इम्युनिटी को मजबूत करने का काम करती है. 

जेनेटिक और फैमिली हिस्ट्री

फैमिली हिस्ट्री और जेनेटिक कारणों के कारण कई सारे व्यक्तियों को दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी ज्यादा बढ़ता हैं. भले ही वे शारीरिक रूप से स्वस्थ हों. कुछ दिल की बीमारी, जेनेटिक दिल से जुड़ी बीमारी का निदान नहीं हो सकता है और वे स्वस्थ दिखने वाले व्यक्तियों में भी अचानक हृदय संबंधी घटनाओं को जन्म दे सकती हैं.

ये जरूरी टेस्ट जरूर करवाएंकोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप एक हेल्दी व्यक्ति में कितना होना चाहिए इसकी जांच रेगुलर कराते रहें. चाहें आप कितने भी हेल्दी और स्वस्थ्य क्यों न हों यह दोनों टेस्ट जरूर करवाएं. 

साइलेंट हार्ट अटैककुछ हार्ट अटैक "साइलेंट" हो सकते हैं. जिसका मतलब है कि वे सामान्य सीने में दर्द का कारण नहीं बनते हैं. और व्यक्तियों को यह भी पता नहीं चल सकता है कि उन्हें हार्ट अटैक हुआ है.

एक्सरसाइज और हार्ट हेल्थएक्सरसाइज आपकी हार्ट हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है. लेकिन संभावित जोखिमों के बारे में जागरूक होना जरूरी है. खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से ही बीमार हैं या जो अचानक अपनी गतिविधि का स्तर बढ़ा देते हैं.

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तेजी में एक्सरसाइज न करेंउच्च तीव्रता वाला व्यायाम हृदय पर दबाव डाल सकता है और संभावित रूप से प्लाक के फटने या विद्युत गड़बड़ी का कारण बन सकता है. जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.

हार्ट अटैक को रोकने के लिए करें ये काम

एक व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी है कि वह हेल्दी लाइफस्टाइल पर ज्यादा फोकस करें, हार्ट अटैक के संकेतों और लक्षणों को समझना और समय पर चिकित्सा सहायता लेना हृदय की समस्याओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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