शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी ऑर्गन का प्राॅपर वर्क करना जरूरी है. इन्हीं में से एक किडनी (रीनल) है, जो न सिर्फ हमारे ब्लड को प्यूरीफाई करती है, बल्कि शरीर से गंदगी को भी बाहर करती है. कई बार हमारी बाॅडी किडनी के संघर्ष करने या फिर इसके डैमेज होने की ओर इशारा करती, लेकिन हम इसे इग्नोर करते रहते हैं. इसका खामियाजा घातक किडनी डिजीज के रूप में सामने आता है. ऐसे में समय रहते कुछ संकेतों पर गाैर कर लेने से किडनी डिस्फंक्शन से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं कुछ ऐसे संकेत जो हमें किडनी के डैमेज होने का इशारा करते हैं...
पैरों में सूजन
किडनी डैमेज होने का ये शुरुआती लक्षण है. इसमें पैरों या सुबह उठने पर चेहरे पर सूजन दिखती है. ये यूरिन में प्रोटीन की मात्रा अधिक होने से होता है, जो किडनी को नुकसान पहुंचाता है.
यूरिन में झाग
सुबह जागने के बाद पहली बार यूरिन करते समय झागदार आना सामान्य है. लेकिन लगातार ऐसी स्थिति बनी रहती है तो ये प्रोटीनुरिया का साइन हो सकता है. यानी यूरिन में अधिक मात्रा में प्रोटीन आना, जो किडनी को नुकसान पहुंचाता है. ऐसे में इसकी प्राॅपर जांच कराकर पता लगाना चाहिए.
यूरिन में ब्लड
यूरिन में खून देख अक्सर लोग डर जाते हैं. लेकिन ये यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या किडनी स्टोन के चलते हो सकता है. हालांकि बिना दर्द के यूरिन में खून आना घातक बीमारी रीनल सेल कार्सिनाेमा या कार्सिनोमा यूरिनरी ब्लैडर का संकेत हो सकता है.
भूख में कमी और थकान
भूख न लगना और थकान सामान्य से दिखने वाले लक्षण हैं. लेकिन जब पेशेंट किडनी डिजीज की एडवांस स्टेज में होता है ये लक्षण दिख सकते हैं. ऐसा एनीमिया की स्थिति के चलते होता है. यूरिन की मात्रा में बदलाव
कम यूरिन आना और अधिक आना, दोनों ही असामान्य स्थिति को दर्शाता है. ऐसे में रीनल फंक्शन की जांच की जरूरत होती है.
कमर में दर्द
यूरिनरी स्टोर यूरिन का फ्लो रोक देता है इससे कमरे के हिस्से में दर्द महसूस होता है.
इचिंग
एडवांस किडनी डिस्फंक्शन से जूझने के दाैरान कई तरह की स्किन प्राॅब्लम भी को मिलती हैं, जैसे डाईनेस और सीवियर इचिंग की समस्या हो सकती है.
इन पर भी ध्यान दें
सांस लेने दिक्कत, मुंह के टेस्ट में बदलाव आना, सांसों से बदबू, पेशाब में जलन, वजन कम होना, नींद न आना आदि संकेत भी किडनी को नुकसान पहुंचने की ओर इशारा करते हैं.
बाॅडी में किडनी का काम
किडनी शरीर को प्यूरीफाई करने का काम करती है. शरीर में से गंदगी (वेस्ट), टॉक्सिन्स और अतिरिक्त फ्लूड को यूरिन के रास्ते बाहर निकालती है. शरीर में सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम और फ्लूड का बैलेंस बनाए रखने में भूमिका निभाती है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है.
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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.