A1 vs A1 Milk: दूध भारतीय खानपान का एक अहम हिस्सा माना जाता है. सुबह की चाय से लेकर बच्चों के नाश्ते और रात के हल्के भोजन तक लगभग हर घर में दूध का इस्तेमाल होता है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में A1 और A2 दूध को लेकर बहस काफी तेज हुई है. बाजार में A2 दूध को ज्यादा हेल्दी और आसानी से पचने वाला बताकर बेचा जा रहा है. जबकि कई लोग इसे सिर्फ एक मार्केटिंग ट्रेंड मानते हैं. ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि आखिर A1 और A2 में अंतर क्या है और सेहत के लिए कौन सा दूध बेहतर माना जाता है. 

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क्या होता है A1 और A2 दूध?

दूध में मौजूद कुल प्रोटीन का लगभग 80 फीसदी हिस्सा केसीन प्रोटीन का होता है. इसमें बीटा केसीन प्रमुख रूप से पाया जाता है. इसी बेटा केसीन के अलग-अलग प्रकारों में A1 और A2 सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं. A1 दूध में A1 प्रकार का बीटा केसीन पाया जाता है. जबकि A2 दूध में A2 प्रकार का बीटा केसीन मौजूद होता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इन दोनों प्रोटीन में केवल एक अमीनो एसिड का अंतर होता है, लेकिन शरीर पर इनका प्रभाव अलग-अलग पड़ता है. 

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किस गाय से मिलता है A1 और A2?

दूध का प्रकार काफी हद तक गाय की नस्ल पर निर्भर करता है. भारतीय देसी गायों जैसे गिर, साहिवाल, रेड सिंधी और थारपारकर नस्ल की गाय का दूध आमतौर पर  A2 माना जाता है. वहीं होल्स्टीन, फ्रीजियन और कुछ यूरोपीय नस्ल को गायों में A1 दूध पाया जाता है. आम बाजार में मिलने वाले कई पैकेट वाले दूध में A1 और A2 प्रकार के प्रोटीन हो सकते हैं, जबकि A2 में सिर्फ A2 बीटा केसीन होता है. 

पाचन पर कैसे पड़ता है असर? 

A1 और A2 दूध को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा पाचन को लेकर होती है. रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जब A1 दूध पचता है तो शरीर में बीसीएम-7 यानी बीटा कैसे मॉर्फिन-7 नाम का एक पेप्टाइड बनता है. कुछ वैज्ञानिक इसे पेट संबंधी बीमारी से जोड़कर देखते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ लोगों को A1 दूध पीने के बाद गैस, ब्लोटिंग और पेट की बीमारी हो सकती है. वहीं A2 दूध के पाचन के दौरान बीसीएम-7 बहुत कम या नहीं बनता है. इसलिए इसे पेट के लिए हल्का माना जाता है. 

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क्या A2 दूध ज्यादा हेल्दी है?

A2 ग्रुप को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि यह शरीर के लिए ज्यादा अनुकूल हो सकता है. कुछ रिसर्च में से बेहतर डाइजेशन, पेट की कम परेशानी और ओवरऑल गट हेल्थ से जोड़ा गया है. हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी साफ करते हैं कि अभी तक ऐसे ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं, जिनसे यह पूरी तरह साबित हो सके कि कि A2 दूध हर व्यक्ति के लिए A1 दूध से बेहतर ही है.

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