टोरंटो: महिलाओं में डिप्रेशन के कारण मौत का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है. इस डिप्रेशन के पीछे सामाजिक भूमिकाओं में बदलाव और कई जिम्मेदारियां निभाने का दबाव है. यह निष्कर्ष एक नए शोध के बाद सामने आया है.
कैसे की गई रिसर्च- इस शोध में 3,410 वयस्कों की 60 साल की मानसिक सेहत के डाटा को देखा गया. इन 60 वर्षों को तीन समयावधि में बांटा गया (वर्ष 1952 से 1967, 1968-1990 और 1991-2011).
शोधकर्ताओं ने पाया कि सभी अवधि के आंकड़े दर्शाते हैं कि हर दशक में पुरुषों में डिप्रेशन और उससे पैदा होने वाले मौत के खतरे का संबंध रहा है जबकि महिलाओं में यह स्थिति 1990 के दशक की शुरुआत में उभरने लगी.
क्या कहते हैं शोधकर्ता- शोधकर्ताओं ने बताया कि डिप्रेशन से संबंधित मौत का खतरा उस वर्ष में सबसे ज्यादा था जिस वर्ष डिप्रेशन लाने वाली कोई घटना घटी हो.
इन वजहों से भी होता है डिप्रेशन- डिप्रेशन का संबंध खराब आहार, व्यायाम की कमी, धूम्रपान और शराब पीने से भी होता है लेकिन इन कारणों से पैदा डिप्रेशन का संबंध मौत के बढ़े हुए खतरे से है यह स्पष्ट नहीं है.
सामाजिक बदलाव, डिप्रेशन से पीड़ित महिलाओं में उभर रहे मौत के खतरे को स्पष्ट करने में मदद कर सकता है.
यह शोध कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.
