ब्रिटेन में हर 12 मिनट में किसी व्यक्ति को आंत का कैंसर (कोलोरेक्टल कैंसर) होने का पता चलता है और हर साल लगभग 17,000 लोग इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवा देते हैं. यह कैंसर ब्रिटेन में कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे आम कारण है. आमतौर पर लोग इसके लक्षणों को पेट दर्द, मल की आदतों में बदलाव या दस्त और कब्ज जैसे संकेतों से पहचानते हैं, लेकिन नए शोध बताते हैं कि मुंह में होने वाले बदलाव भी इस गंभीर बीमारी की शुरुआती चेतावनी हो सकते हैं. 

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मुंह के बैक्टीरिया और आंत का संबंध

दांतों और मसूड़ों की सामान्य समस्याएं मुंह में बैक्टीरिया के असंतुलन का संकेत दे सकती हैं. मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया आंत तक पहुंच सकते हैं और वहां सूजन पैदा कर सकते हैं, जो कुछ मामलों में कैंसर के विकास में मदद कर सकता है.  कुछ आदतें, जैसे दांत ठीक से ब्रश और फ्लॉस न करना, धूम्रपान, ज्यादा शराब का सेवन और ज्यादा चीनी व कम फाइबर वाला आहार, इस नाजुक बैक्टीरिया संतुलन को बिगाड़ सकते हैं. 

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मुंह में दिखने वाले आंत का कैंसर के संकेत 

1. मसूड़ों से खून आना - मसूड़ों से खून आना एक सामान्य लक्षण है जो मसूड़ों की बीमारी की ओर इशारा करता है. यह सूजन और संक्रमण का संकेत होता है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया ब्लड फ्लो में जा सकते हैं और पाचन तंत्र तक पहुंच सकते हैं. हार्वर्ड के शोध अनुसार, मसूड़ों की बीमारी वाले लोगों में प्री कैंसरस कोलोन पॉलीप्स का खतरा 17 21 प्रतिशत तक ज्यादा होता है. इसके अलावा, सूजे हुए या कोमल मसूड़े, जो बिना दिखाई देने वाले रक्तस्राव के होते हैं, प्रारंभिक जिंजिवल सूजन का संकेत दे सकते हैं. यह स्थिति अक्सर लक्षणहीन रहती है और वर्षों तक नजरअंदाज की जा सकती है. 

2. बदबूदार सांस - लगातार मुंह से बदबू आना भी एक चेतावनी हो सकती है. यह फ्यूसोबैक्टीरियम न्यूक्लियेटम नामक बैक्टीरिया से जुड़ा हो सकता है, जो मसूड़ों की बीमारी के साथ साथ आंत्र कैंसर के ट्यूमर में भी पाया गया है. यह बैक्टीरिया लार या रक्त कोशिकाओं के माध्यम से शरीर के अन्य हिस्सों में जा सकता है और इम्यूनिटी से बचकर कैंसर के विकास में योगदान कर सकता है. 

3. जीभ पर सफेद या पीली परत - जीभ पर सफेद या पीली परत बैक्टीरिया, गंदगी या मृत कोशिकाओं के जमा होने से बनती है. यह खराब मौखिक स्वच्छता, डिहाइड्रेशन या सूखे मुंह का भी संकेत हो सकती है. शोध बताते हैं कि कुछ परतें मुंह के बैक्टीरिया में बदलाव को दर्शा सकती हैं, जो आंत के कैंसर से जुड़ा हो सकता है. 

4. चार या ज्यादा दांत खोना - हार्वर्ड और एएसीआर के अनुसार, जिन लोगों ने चार या ज्यादा दांत खो दिए हैं, उनमें प्री कैंसरस कोलोन पॉलीप्स का खतरा 20 प्रतिशत ज्यादा होता है. यह लंबे समय से बिना इलाज की मसूड़ों की बीमारी का परिणाम हो सकता है. 

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.