दिल्ली में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी बीच डेंगू केसेस से जुड़े आंकड़े भी सामने आए हैं. जो बेहद डराने वाली है. सबसे डरावनी बात यह है कि पिछले 5 सालों में इस साल सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज हैं. दिल्ली में डेंगू के 5, 221 मामले अब तक सामने आए हैं. पिछले एक महीने में 71 प्रतिशत की दर की तेजी से डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ी है. देश की राजधानी दिल्ली फिलहाल डेंगू का हब बना हउआ है. आए दिन डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रहे हैं.

डेंगू की बढ़ती संख्या पर एक्सपर्ट का यह मानना है

बदलते मौसम के बीच दिल्ली में एक बार फिर डेंगू अपना पैर तेजी से प्रसार रहा है. अगर पिछले महीने तक के आंकड़ों पर बात करें तो स्थिति बेहद नाजुक दिखाई दे रही है. डॉक्टर भी मान रहे हैं कि इस बार राजधानी में डेंगू के सबसे ज्यादा केसेस मिल रहे हैं. वहीं एक्सपर्ट के मुताबिक डेंगू के ज्यादातर मरीज घर पर ही ठीक हो जा रहे हैं. उन्हें हॉस्पिटल जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है. ऐसे में यह उम्मीद जताई जा  रही है कि जैसे-जैसे राजधानी में सर्दी बढ़ेगी डेंगू के मामले कम होना शुरू हो जाएंगे.

डेंगू को लेकर शेयर किए गए आंकड़े क्या कहते हैं?

नैशनल सेंटर फॉर बॉर्न डिजीज कंट्रोल के मुताबिक दिल्ली में 17 सितंबर तक डेंगू के मरीजों की संख्या 5 हजार 221 थे. वहीं एमसीडी के डेटा के अनुसार, 5 अगस्त तक दिल्ली में 348 मामले आए थे. वहीं परेशान करने वाली बात यह है कि एक महीने में डेंगू की दर 71 प्रतिशत बढ़ गई. हाल ही में दिल्ली के एलजी ने डेंगू की बढ़ती संख्या को लेकर एमसीडी ऑफिसर के साथ एक मीटिंग की जिसमें कैसे इस मामले को कंट्रोल किया जाए. इस पर खास बातचीत की गई. बता दें कि एमसीडी की तरफ से हर सप्ताह डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का डेटा शेयर किया जाता है. 

डेंगू के इन लक्षणों के प्रति रहें अलर्ट  
 
एक्सपर्ट कहते हैं कि डेंगू के मच्छर के काटने के एक हफ्ते के भीतर मरीज के शरीर पर डेंगू के लक्षण दिखने लगते हैं. इसलिए इनकी पहचान जरूरी है. हालांकि एक्सपर्ट कहते हैं कि डेंगू के लक्षण बिलकुल एक जैसे नहीं होते और कभी कभी ये मरीजों पर अलग अलग तरह से दिखते हैं. 
 
डेंगू होने पर मरीज को तेज बुखार आता है.बॉडी का टेंपरेचर 101 से लेकर 104 डिग्री फॉरेनहाइट तक जा सकता है. ये बुखार तीन से चार दिन तक रहता है और ऐसा होने पर मरीज को डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए. 
 
तेज बुखार के साथ साथ डेंगू के मरीज को सिर में तेज दर्द होता है. मरीजों को आंख के पास और पीछे की तरफ और कनपटी के पास तेज दर्द होता है असहनीय होता है. मरीजों को दर्द के साथ साथ आंखों के अंदर भी दर्द महसूस होता है औऱ आंख खोलने में भी दिक्कत होने लगती है. 
 
डेंगू बुखार होने से कुछ दिन पहले मरीज के शरीर पर लाल दाने यानी पिंक पैचेज दिखने लगते हैं. पहले ये पेट और पीठ से शुरु होते हैं और फिर पूरे शरीर में फैल जाते हैं. ये दाने खुजली करते हैं औऱ इनमें जलन भी होती है. 
 
डेंगू के प्रारंभिक संकेतों में हड्डियों में तेज दर्द होना भी शामिल है. हड्डियों के साथ साथ मरीज की मांसपेशियों मे भी बहुत ज्यादा दर्द होता है और यहां तक कि मरीज दर्द से कराहने लगता है. इसलिए डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार भी कहा गया है. 
 
अगर मरीज बुखार के साथ साथ कमजोरी और थकान महसूस कर रहा है तो ये डेंगू का एक लक्षण है. इस दौरान प्लेटलेट्स गिरने से मरीज की इम्यूनिटी कम हो जाती है और वो बहुत थकान और कमजोरी फील करता है. 
डेंगू बुखार के बीच में ही मरीज को नाक या मसूड़े से खून बहने लगे तो समझिए कि डेंगू घातक हो रहा है. हालांकि ये संकेत कम मरीजों में देखने को मिलता है लेकिन अगर ये दिखे तो तुरंत इमरजेंसी में कॉन्टेक्ट करना चाहिए.
 
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.