कई लोगों को सुबह सोकर उठने के बाद गर्दन में दर्द और अकड़न महसूस होती है. शुरुआत में लोग इसे थकान या गलत तरीके से सोने का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर यह परेशानी रोज होने लगे, तो अपने तकिए पर भी ध्यान देना चाहिए. दरअसल, बहुत ऊंचा, बहुत पतला या जरूरत से ज्यादा सख्त तकिया गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव डालता है. इससे सुबह उठने पर दर्द और खिंचाव महसूस होता है. आइए जानते हैं गलत तकिया गर्दन को कैसे नुकसान पहुंचाता है और सही तकिया चुनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

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 गलत तकिया कैसे बढ़ाता है गर्दन का दर्द?

सोते समय गर्दन और सिर को सही सहारा मिलना जरूरी है. अगर तकिया बहुत ऊंचा है, तो गर्दन आगे की तरफ झुकती है. वहीं, बहुत पतला तकिया सिर को पर्याप्त सहारा नहीं दे पाता. दोनों ही स्थितियों में गर्दन की मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है. कई बार पुराने तकिए की बनावट भी बिगड़ जाती है. उसमें भरी रूई या फोम एक जगह दब जाता है, जिससे सिर और गर्दन को बराबर सहारा नहीं मिलता. ऐसे में रातभर गर्दन गलत स्थिति में रहती है और सुबह उठने पर दर्द, अकड़न या भारीपन महसूस होता है.

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गर्दन के लिए कैसा तकिया चुनना चाहिए?

गर्दन के दर्द से बचने के लिए ऐसा तकिया चुनें, जो सोते समय सिर और गर्दन को आरामदायक सहारा दे. तकिया न बहुत ऊंचा होना चाहिए और न ही बहुत पतला. करवट लेकर सोने वालों को थोड़ा ऊंचा तकिया चाहिए, ताकि सिर और रीढ़ की हड्डी एक सीध में रहें. वहीं, पीठ के बल सोने वालों के लिए मध्यम ऊंचाई वाला तकिया बेहतर रहता है. मेमोरी फोम या सही आकार वाले सपोर्ट पिलो भी कुछ लोगों को आराम देते हैं.  पर हर व्यक्ति के लिए एक ही तरह का तकिया सही नहीं होता. इसलिए तकिया खरीदते समय अपनी सोने की आदत और आराम का ध्यान रखें. 

तकिया बदलने के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान

गर्दन के दर्द से राहत पाने के लिए सिर्फ तकिया बदलना काफी नहीं है. दिनभर मोबाइल या लैपटॉप पर काम करते समय गर्दन को ज्यादा देर तक नीचे झुकाकर न रखें. बीच-बीच में ब्रेक लें और हल्की स्ट्रेचिंग करें. सोने और जागने का समय भी नियमित रखें. अगर तकिया बदलने और सही तरीके से सोने के बाद भी दर्द बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लें. गर्दन में तेज दर्द, हाथों में झनझनाहट, कमजोरी या दर्द के साथ चक्कर आने जैसी परेशानी को नजरअंदाज न करें. इसकी वजह मांसपेशियों के खिंचाव के अलावा रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या भी होती है.

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*Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें*