नई दिल्ली: इस वक्त पूरी दुनिया एक ऐसे दुश्मन से लड़ रही है जो बेहद खतरनाक है. यह दुश्मन दिन पर दिन अपने लड़ने के तरीके बदल रहा है और खुद को पहले से और भी ज्यादा ताकतवर बनाता जा रहा है. दुनिया की बड़ी से बड़ी महाशक्तियों ने कोरोना वायरस नाम से इस दुश्मन के आगे घुटने टेक दिए हैं. इस वक्त पूरी दुनिया को अगर किसी एक चीज का इंतजार है तो वो कोरोना वायरस की वैक्सीन है. दुनिया के कई देशों में इस पर काम हो रहा है और जल्द ही सफल परिणाम आने की उम्मीद भी जताई जा रही है.

वहीं दूसरी तरफ वैज्ञानिक दिन रात इस वायरस के अध्यन में लगे हुए हैं. कोरोना वायरस बेहद नया होने कारण इसे लेकर वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के पास भी बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन भी वायरस को लेकर समय समय पर दिशा निर्देश जारी करता रहता है. इस सबके बीच कोरोना वायरस को लेकर एक नया सवाल खड़ा हो गया है. यह सवला है कि क्या मच्छरों के जरिए भी कोरोना वायरस फैल सकता है.

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वैज्ञानिकों की मानें तो कोराना वायरस पर अब तक हुई रिसर्च के आधार पर कहा जा सकता है कि यह मच्छरों के जरिए नहीं फैलता. मच्छरों से इसके प्रसार का कोई सबूत अब तक सामने नहीं आया है. कैंसस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक गहन अध्यन के बाद यह निष्कर्स निकाला है कि मच्छरों के माध्यम से कोरोना वायरस का प्रसार नहीं होता. कैंसस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का यह अध्यन 'नेचर साइंसटिफिक रिपोर्ट्स' नाम के जर्नल में प्रकाशित भी हुआ है.

इस अध्यन के सामने आने से पहले इस तरह के प्रसार को लेकर कोई पुष्टि नहीं थी. मार्च में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक मिथ बस्टर में बताया था कि आज की तारीख में मच्छरों से कोरोना वायरस फैलने को लेरकर हमारे पास कोई सुबूत नहीं हैं. लेकिन WHO इस बात को लेकर पूरी तरह कभी आश्वस्त नहीं था कि मच्छर कोरोना वायरस का प्रसार नहीं कर सकते. नए अध्यन में बताया गया कि यह सिर्फ एक अनुमान हो सकता है. कोरोना वायरस जिससे सार्स (Sars) और मर्स (MERS) जैसी बीमारियां होती हैं, इनमें खून में वायरस का स्तर बेहद कम होता है. इसकी अपेक्षा डेंगू और पीत ज्वर का मामले में यह बहुत ज्यादा होता है.

शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला प्रयोगों में दिखाया है कि SARS-CoV-2 मच्छरों को संक्रमित नहीं कर सकता है. कैंसास विश्वविद्यालय के बायोसिक्योरिटी रिर्सच इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर स्टीफन गिह्स ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा, ''हमने मच्छरों को संक्रमित करने के लिए हर संभव कोशिश की. यहां तक हमने ऐसे तरीके भी आजमाए तो प्रकृति में सामान्य रूप से नहीं मिलेंगे.''

इस रिसर्च के सामने आने के बाद लोगों ने राहत की सांस जरूर ली है लेकिन जिस तरह के कोरोना वायरस की प्रकृति में बदलाव आ रहे हैं, हमें और भी ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. दुनियाभर में कोरोना वायरस अभी तक 6 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है. जब तक वैज्ञानिक कोई वैक्सीन नहीं बना लेते तब तक इसकी रोकधाम से जुड़े सभी नियमों को मामना बेहद आवश्यक है.

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